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मिली सलाह:एमबीबीएस के नए छात्र व छात्राअाें का किया स्वागत

दरभंगाएक महीने पहले
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  • मन लगाकर पढ़ें, मरीजाें के दु:ख-दर्द काे समझें, मेडिकल केे विकास काे अपनाएं

दरभंगा मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थियेटर में शनिवार को उत्साह का माहौल था। मौका था वर्ष 2020-21 के एमबीबीएस के पहले वर्ष के छात्रों के स्वागत का। जैसे ही लेक्चर थियेटर में नए बैच के छात्र-छात्राएं पहुंचे, तो उसका सीनियर बैच के छात्र व छात्राओं ने फूल देकर व तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद नए छात्रों ने भी अपने शिक्षकों को फूल का माला पहनाकर स्वागत किया। मेडिकल के छात्र व छात्राओं ने व्हाइट कोट पहनकर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाने की शपथ ली।

कोरोना के कारण नए मेडिकल छात्रों का फाउंडेशन कोर्स देरी से शुरू हुआ। इसलिए उसका फाउंडेशन कोर्स का विस्तार कर 26 जून तक कर दिया गया है। इस सेरेमनी समारोह में पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि व्हाइट कोट पहनने के बाद मेडिकल के छात्रों में एक अलग तरह की फीलिंग होनी चाहिए। उनमें सेंस ऑफ रेस्पेक्ट की भावना अानी चाहिए। छात्रों काे अपने शिक्षक व सीनियर से आदर से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन कोर्स में मेडिकल के छात्रों को बहुत कुछ सीखने के लिए मिलेगा। इस दौरान अस्पताल के सर्जरी, ऑर्थों, शिशु, गायनिक, आई आदि विभागों में जाकर एक-दूसरे से परिचित हाेंगे। चीजों को बारीकियों से समझेंगे। इससे उन्हें बहुत सारी बातें सीखने के लिए मिलेगी।

कॉलेज में सुधार लाना मेरी जिम्मेवारी : डॉ. केएन मिश्रा
डीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. केएन मिश्रा ने कहा कि जिस मेडिकल कॉलेज में उन्होंने शिक्षा ग्रहण की, आज उसी मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्य करने का मौका मिला है। अब छात्रों के हित में इस कॉलेज में सुधार लाना उनकी जिम्मेवारी है।

मरीजों की पीड़ा को समझे छात्र-छात्राएं : डॉ. राज रंजन
डीएमसीएच के पूर्व अधीक्षक डॉ. राज रंजन प्रसाद ने कहा कि शुरू से ही इस मेडिकल कॉलेज का स्वर्णिम इतिहास रहा है। यहां के मेडिकल के छात्र आज देश- विदेश में इस कॉलेज का नाम उजागर कर रहे हैं। नए मेडिकल छात्रों से यह अपेक्षा करते हैं कि वे मरीजों के दुख, दर्द व पीड़ा को समझें। उन्होंने छात्रों से क्लास में उपस्थित रह कर मन लगा कर पढ़ाई करने की बात कही।​​​​​​​

पढ़ाई का उद्देश्य सीखना और सिखाना : डॉ. अजीत

पैथाेलाॅजी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. अजीत चौधरी ने कहा कि पढ़ाई का एक मात्र उद्देश्य होना चाहिए, सीखना और सिखाना। मेडिकल के क्षेत्र में जाे नए विकास हो रहे हैं,उससे सीखें। मौके पर प्रोग्राम के कॉर्डिनेटर डॉ. पूनम कुमारी, फॉर्माकोलॉजी की एचओडी डॉ. आशा झा, डॉ. आरके दास, डॉ. शीला साहू, डॉ. आरएस प्रसाद, डॉ. रिजवान हैदर व डॉ. सुशील कुमार आदि मौजूद थे।

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