ईद आज / चांद का हुआ दीदार, ईद आज, घरों में ही सभी लोग अदा करेंगे ईद की नमाज

मंशा मनाल। मंशा मनाल।
X
मंशा मनाल।मंशा मनाल।

  • बच्चों में दिखा उत्साह, लाेगाें ने ईद को खुशियों भरा बनाने की रब से मांगी दुआएं
  • न गले मिलेंगे, न हाथ मिलाएंगे, दूर से ही मुबारकबाद देंगे

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 05:00 AM IST

दरभंगा. शाम ढलते ही लोगों को ईद का चांद नजर आया। चांद देखने की खुशी बड़ों से ज्यादा बच्चों में दिखी। बच्चे चांद को देखते ही हर्षोल्लास मनाने लगे अपने बड़ों को अपनी नन्हीं उंगलियों से चांद दिखाने की जुगत करते दिखे। बड़े एवं बुजुर्ग लोग चांद देखते ही भावुक हो गए। वहीं महिलाएं चांद को देखकर खुशियों की मुबारकबाद अपनी सहेली एवं निकट संबंधियों को दी। वर्षों बाद  ऐसी ईद आई है जिसमें ना तो लोग आपस में गले मिलेंगे और नहीं हाथ मिलाएंगे केवल दूर दूर से ही मुबारकबाद दे कर रस्म अदा करेंगे। 
 कोविद-19 महामारी के कारण मानव ईद  की खुशियों पर भी ग्रहण सा लगा दिया है यही कारण है कि ईद की नमाज दें इस बार न तो मस्जिदों में होंगी और ना ही इस गांवों में नतीजा है कि ना मस्जिदों के पास चहल-पहल है और न ही ईदगाहों की तैयारियों को लेकर युवावर्ग  उत्साहित हैं। ईद का चांद देखने के बाद लोगों को यह संतोष और अवश्य है कि 30 दिन का रोजा रखकर अपने रब के एक फरीदा को अंजाम देने में कामयाब  रहे हैं। लॉर्ड डाउन के कारण बाजार बंद है वरना चांद रात की खरीदारी के लिए उमड़ने वाली  भीड़ का अपना ही एक क्रेज हुआ करता था। करुणा को देखते हुए मौलाना अहमद रुश्दी एवं मौलाना मो. अनवर शादाब अमीनी  ने लोगों को हर्षोल्लास के साथ ही काेराेना संक्रमण की रोकथाम के लिए बताए गए उपायों के साथ ईद मनाने की सलाह दी है।
घरों में रहकर मनाए ईद की खुशियां : अहमद
मौलाना अहमद  रुश्दी ने कहा कि बरकत वाला महीना रमजान अब हम लोगों से रुखसत हो चुका है। ईद का चांद नजर आ चुका है। चांद रात को अल्लाह अपने बंदों को बेशुमार नेमतें अता करता है। आज की रात भी इबादत के लिहाज से बा बरकत  रात है। लोग ईद की खुशियां मनाएंगे। लेकिन लोगों को एहतियात के साथ मनाने की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सरकार ने लॉक डाउन कर रखा है। ईदगाह एवं मस्जिदों में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।  ऐसे में उन्होंने कहा है कि लोग घरों पर ही ईद की नमाज अदा करें यदि एक ही परिवार में आठ-दस लोग है और उन में ईद की नमाज पढ़ाने वाला इमाम बनने की सलाहियत रखता है तो ऐसी सूरत में वहां ईद की नमाज पढ़ी जा सकती है। ईद के दिन लोग घर में रहकर अपने परिवार के साथ ही खुशियां मनाएं। यह न केवल सरकारी आदेश है बल्कि इसकी इजाजत इस्लाम में भी दी गई है कि किसी वबा  या महामारी के समय लोग अपने आप को एहतियातन मिलने जुलने से बचें।
कोरोना से देश काे बचाने के लिए दुआ का करें : अनवर शादाब
मौलाना मो. अनवर शादाब अमीनी ने कहा कि  ईद का दिन रोजेदारों को बदला अता करने का दिन होता है। ईद के दिन भी लोगों को ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए। इस बार की ईद लोगों के लिए यह अवसर मुहैया करा रही है कोरोना महामारी की वजह से लोगों को फिजिकल डिस्टेंस बनाने की हिदायत की गई है। ईदगाह और मस्जिदों में नमाज पढ़ने की मनाही है। ऐसे में लोग अपने घरों पर ही छोटी-छोटी जमात बनाकर  ईद की नमाज अदा करें। गोविंद 19 महामारी से देशवासियों को बचाने के लिए खुसूसी दुआ करना चाहिए। अल्लाह रोजेदारों को ईद के दिन मांगी गई दुआएं कबूल करते हैं सभी देश को हर हालत में दुआओं की जरूरत है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना