काेराेना ही नहीं सिस्टम भी जिम्मेदार:वीडियो जारी कर डीएमसीएच की पोल खोलने वाले निर्मली के युवक की मौत

दरभंगा /निर्मली6 महीने पहले
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  • अजीत के भाई ने आईसीयू में भर्ती नहीं करने का लगाया आरोप

डीएमसीएच की कुव्यवस्था को अपने वीडियो से उजागर करने वाले निर्मली शहर के वार्ड-4 निवासी अजीत शर्मा की गुरुवार को मौत हो गई। अजीत ने 23 अप्रैल की रात वीडियो वायरल कर कहा था यहां की व्यवस्था ठीक नहीं है। समय पर नाश्ता व भोजन नहीं मिलता है। डॉक्टर का व्यवहार ठीक नहीं है। उसने आरोप लगाया था कि उसके वार्ड में प्रतिदिन 5 से 7 लोग मर रहे हैं। वह 9 दिनों से भर्ती है। आइसोलेशन में मरीजों को 15 दिनों तक रखा जाता है। उसने सरकार से आग्रह किया था कि यहां की व्यवस्था पर ध्यान दें। नहीं तो गलत व्यवहार व ठीक से इलाज नहीं होने पर मरीज मर जाएंगे। हालांकि डीडीसी सह डीएमसीएच आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज तनय सुलतानिया ने उसके वायरल वीडियो की सभी आरोप को गलत करार दिए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मणिभूषण शर्मा ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि अजित पॉजिटिव हैं और उसका इलाज नियमित रूप से किया जा रहा है। इधर, अजीत के बड़े भाई उदय शर्मा ने कहा कि अस्पताल की सच्चाई उजागर करने पर डॉक्टरों और कर्मियों ने अजीत को तरह-तरह से प्रताड़ित किया और उसकी मौत हो गई। डीएमसीएच प्रशासन ने अजीत की हत्या कर दी है। जिस वार्ड में अजीत भर्ती था, उसमें डॉक्टर के एक संबंधी मरीज को ऑक्सीजन लेवल 74 रहने पर आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन अजीत की ऑक्सीजन लेवल 34 रहने पर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों से घंटों गुहार लगाते रहे, लेकिन अजीत को आईसीयू में जगह नहीं दी गई।

कोविड मरीज अजीत शर्मा का हुआ था बेहतर इलाज : प्रभारी अधीक्षक
डीएमसीएच के प्रभारी अधीक्षक डॉ. ओपी गिरि ने कहा कि कोरोना पीड़ित अजीत की मौत के संबंध में सोशल मीडिया की ओर से जो समाचार प्रसारित किए जा रहे हैं, वह सत्य से परे है। अजित शर्मा का इलाज डीएमसीएच के एचडीयू में नियमित रूप से किया गया है। 15 अप्रैल से वे भर्ती थे। उन्हें कोरोना के साथ हाई ब्लड प्रेशर व हाई ब्लड शुगर भी था। हाई ब्लड शुगर के लिए इंसुलिन दिया जा रहा था। डीएमसीएच के एचओडी एवं पीओडी मेडिसिन का कंसलटेशन दिया गया था। चिकित्सकों द्वारा उनका नियमित रूप से चेकअप किया जाता रहा। इनका पल्स व एसओपी 2 ऑक्सीजन लेवल हमेशा नियंत्रण में रहा। 28 अप्रैल तक की सभी मेडिकल रिपोर्ट हैं पर कोविड के साथ कोमोरबीडीटिज खासकर हाई ब्लड शुगर के कारण कार्डियो रिसपीरेटोरी फेल्योर के कारण मृत्यु हो गई। बेहद अफसोस है कि बेहतर प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका।

वायरल वीडियो में कहा था-गलत इंजेक्शन से मरीज तोड़ देंगे दम

अजीत ने वीडियो वायरल में कहा था कि कोरोना से पीड़ित होने के बाद डीएमसीएच के जिस कोविड वार्ड में वह भर्ती है, केवल उस वार्ड से रोज 7-8 कोरोना मरीज दम तोड़ रहे हैं। मरने के घंटों बाद भी शव देखने कोई डॉक्टर या कर्मी नहीं आते हैं। डॉक्टर, नर्स व कर्मियों द्वारा कोरोना मरीजों के साथ अत्याचार किए जा रहे हैं। भर्ती होने के 9 घंटे बाद कोई डॉक्टर या कर्मी मरीज का हालचाल जानने पहुंचते हैं। जो लोग कोविड से नहीं मरेंगे वे यहां की कुव्यवस्था, गलत इंजेक्शन व गलत रुतवा की चपेट में दम तोड़ देंगे। 15 अप्रैल को सर्दी, खांसी, सिर दर्द व बुखार आने पर अजीत को परिजनों द्वारा निर्मली अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया था, जहां जांच में कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर देख डीएमसीएच रेफर किया था। जांच में 15 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई व वहां भर्ती हुआ था।

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