आयोजन:विवाह पंचमी पर अहिल्या स्थान में पूजा-मटकोर हुआ

दरभंगाएक महीने पहले
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कमतौल के अहिल्या उद्धार स्थली में सीता राम विवाह को लेकर की गई मटकोर की रस्म। - Dainik Bhaskar
कमतौल के अहिल्या उद्धार स्थली में सीता राम विवाह को लेकर की गई मटकोर की रस्म।
  • कलाकारों के भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति से भक्तिमय बना माहौल, देखने के लिए दर्जनों लोगों की जुटी भीड़

क्षेत्र के ऐतिहासिक, पौराणिक व धार्मिक अहिल्या स्थान में बुधवार को आयोजन होने वाले विवाह पंचमी महोत्सव को लेकर मंगलवार की संध्या अहिल्या स्थान परिसर स्थित सिया पिया निवास स्थान में मन्दिर के प्रधान पुजारी रामचन्द्र रामायणी के सानिध्य में, माटी कोराई, खोइचा, हल्दी तेल चढ़ाई, कमला पूजन व मटकोर का आयोजन हुआ। इस मौके पर सिया-पिया निवास स्थल उत्सवी रंग में सराबोर हो गया। मटकोर देखने के लिए आसपास के पंचायत के बड़ी संख्याओं में महिला व पुरुष श्रद्धालु जुटे। अहिल्या कुंड पहुंचकर मटकोर व वैवाहिक गीत गाकर कार्यक्रम को रसमय बना दिया। कार्यक्रम के उपरांत बतौर प्रसाद के रूप में अंकुरित चना का वितरण किया गया। इस दौरान बजरंग म्यूजिकल ग्रुप के शास्त्रीय भजन गायक ठाकुर रघुवीर एवं साथी कलाकारों के द्वारा भक्तिमय गीत देर शाम तक प्रवाहित होती रही।

आज निकाली जाएगी झांकी

प्रधान पुजारी रामचन्द्र रामायणी ने बताया कि बुधवार की शाम नगर दर्शन, धनुष यज्ञ, तिलकोत्सव, विवाहोत्सव एवं राम कलेवा आदि प्रसंग की झांकी के साथ जीवंत किया जाएगा, जो देर रात्रि व गुरुवार की अहले सुबह तक चलेगा।

बीते वर्ष लॉकडाउन के कारण नहीं हुआ आयोजन

सिया-पिया निवास स्थान के प्रधान पुजारी रामचन्द्र रामायणी एवं उनके शिष्य बजरंगी शरण ने बताया कि मिथिलांचल भगवती सीता की जन्मस्थली रहने के कारण यह स्थल प्रभु श्रीराम की हृदय स्थली के रूप में विख्यात है। इसी कारण यहां के लोग इस उत्सव को जीवंत रखने के लिए प्रति वर्ष पूरी निष्ठा के साथ विवाह पंचमी के मौके पर सीता-राम विवाह उत्सव के रूप में मनाते आ रहे है। मालूम हो कि बीते वर्ष कोरोना व लॉकडाउन के कारण आयोजन बाधित हुआ था।

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