एलएनएमयू:डाटा सेंटरों में खींचतान से पार्ट 3 के रिजल्ट में देरी

दरभंगाएक महीने पहले
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  • रिजल्ट के लिए छात्रों में आक्रोश

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में दो डाटा सेंटरों के बीच आपसी खींचतान को लेकर पार्ट 3 के रिजल्ट में अनावश्यक देरी होने से छात्रों के बीच असंतोष और आक्रोश है। सत्र 2018-21 पार्ट 3 की परीक्षा अगस्त में संपन्न हुई। वहीं, सितंबर माह में मूल्यांकन संपन्न कराया गया। जबकि अभी तक विश्वविद्यालय रिजल्ट निर्गत नहीं कर पाया है। बताया जाता है कि इसके पीछे विश्वविद्यालय में दो डाटा सेंटर से अलग-अलग एग्रीमेंट किए जाने का परिणाम है। बताया जाता है कि 2016 से विश्वविद्यालय में पटना की डाटा सेंटर कंपनी पीवीटी काम कर रही थी जिसका एग्रीमेंट 2016से 19 तक था। सत्र 2018-21 के छात्रों की परीक्षा पंजीयन सभी काम इसी डाटा सेंटर के द्वारा हुआ। इधर, कुछ माह पहले एक नए डाटा सेंटर से आरएमएस लखनऊ की कंपनी से विश्वविद्यालय का एग्रीमेंट हुआ। वह काम करने लगी। बताया जाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पार्ट 3 के डाटा को नए सेंटर को उपलब्ध कराने के लिए दवाब दिया पर वह इस बात से इनकार कर गई। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में उसके कार्यालय में ताला जड़ दिया। फलस्वरूप वह न्यायालय में इस संबंध में वाद प्रस्तुत कर दिया। इस तरह सभी कार्य का निष्पादन यदि डाटा सेंटर के द्वारा ही किया जा रहा है तो फिर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में अधिकारी एवं कर्मचारी का क्या औचित्य है। भविष्य में इस तरह की व्यवस्था आंदाेलन का रूप ले सकता है।

डाटा पुरानी कंपनी के पास कैसे होगा रिजल्ट प्रकाशन

अब सवाल यह उठता है कि पार्ट 3 के सभी डाटा पुरानी कंपनी के पास है, तो फिर रिजल्ट का प्रकाशन कैसे हो। इधर, बताया जाता है कि न्यायालय में आज इस विषय पर सुनवाई होगी, कुछ निर्णय आने तक ही परीक्षा फल के प्रकाशन पर लगी विराम हट सकता है। इसलिए अब सभी की निगाहें न्यायालय के इस निर्णय पर टिकी हुई है। दोनों सेंटरों के बीच उपजे इस विवाद को लेकर सैकड़ों पुराने छात्रों के लंबित परीक्षा फल का निष्पादन भी नहीं हो रहा है। वहीं, पुराने सेंटर को लाखों रुपए का भुगतान विश्वविद्यालय प्रशासन को करना है, जो नहीं किया गया है। विवि प्रशासन ने एक नई परिपाटी का प्रावधान किया है।

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