25 प्रवासी मजदूराें ने बताया दर्द / मुंबई में रह रहे मजदूरों को मकान मालिक ने निकाला, गांव आए तो दाे क्वारेंटाइन सेंटरों पर गए, लेकिन नहीं मिली जगह; ग्रामीणाें ने की व्यवस्था

जगदीशपुर चक्का गांव में ग्रामीणों द्वारा बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी। जगदीशपुर चक्का गांव में ग्रामीणों द्वारा बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी।
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जगदीशपुर चक्का गांव में ग्रामीणों द्वारा बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी।जगदीशपुर चक्का गांव में ग्रामीणों द्वारा बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी।

  • मकान मालिक घर में रहने नहीं दे रहा था और सड़क पर पुलिस मारती थी
  • मनीगाछी प्रखंड की जगदीशपुर पंचायत के जगदीशपुर चक्का गांव के रहने वाले हैं सभी 25 प्रवासी मजदूर

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

दरभंगा. मनीगाछी प्रखंड की जगदीशपुर पंचायत के जगदीशपुर चक्का गांव के रहने वाले 25 मजदूर जो बिहार से पलायन को मजबूर रोजी और रोटी की तलाश में मुंबई के कुलावा में रहकर मजदूरी किया करते थे। लॉकडाउन के कारण काम मिलना बंद हाे गया। वहीं मकान मालिक के द्वारा किराया चुकता नहीं करने के कारण घर से निकाल बाहर कर दिया। पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई की पीड़ा झेल चुके इन मजदूरों ने बताया कि सड़क पर रहने पर मारपीट की जाती थी और मकान मालिक घर में जाने नहीं देते थे। जब ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया तो किसी तरह अपने प्रदेश बिहार पहुंच पाए। सीओ रविंद्र कुमार चौपाल ने बताया कि प्रखंड स्तर पर बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर फतेहपुर मध्य विद्यालय में सभी 25 प्रवासियों को शिफ्ट कराया जाएगा।
ब्लॉक में घंटों भटकते रहे
प्रवासियों ने बताया कि घंटों मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय में भटकते रहे पर कोई सुधि लेने वाला नहीं था। फिर क्वारेंटाइन सेंटर मकरन्दा मध्य विद्यालय पर आए। वहां के कर्मचारी ने कहा कि सीट फुल है। चनौर क्वोंरटाइन सेंटर पर भी वही बात कही गई। 
गांव के लाेगाें ने मनरेगा भवन पर की व्यवस्था
उन्हाेंने बताया कि देर रात अपने गांव जगदीशपुर चक्का आए। यहां मुखिया से मोबाइल पर सम्पर्क कर पंचायत क्वारेंटाइन सेंटर पर रखने का आग्रह करना चाहा पर एक बार भी मुखिया ने फाेन नहीं उठाया। ग्रामीणों ने अंत में अपने स्तर से राजीव गांधी सेवा केंद्र जगदीशपुर चक्का स्थित मनरेगा भवन में रहने का सुझाव दिया। जिसके बाद सभी वहां रह रहे हैं। सीओ बात करने पहुंचे लेकिन के बावजूद भी किसी तरह की व्यवस्था नहीं की।
3 दिन बाद पहुंची पुलिस, शिफ्ट करने काे कहा 
मनरेगा भवन में रह रहे मजदूर मिंटू कुमार यादव, राजेश कुमार यादव, राकेश कुमार यादव, गणेश कुमार यादव, विनोद कुमार यादव, माधव यादव, देवेन्द्र यादव आदि ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा सभी सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके बावजूद यहां तीन दिन रहने के बाद स्थानीय पुलिस आकर फतेहपुर शिफ्ट करने की बात कह रही है।

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