पहल:नाबालिग का विवाह चाइल्डलाइन के प्रयास से टला, दूल्हे के घर से नहीं निकलने दी गई बारात

दरभंगाएक महीने पहले
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  • मामले को लेकर देर रात तक चलती रही पुलिस-प्रशासन और चाइल्डलाइन की पहल

प्रखंड में संचालित चाइल्डलाइन के प्रयास से एक बालविवाह को रोका जा सका। एक नाबालिग लड़की का जीवन बर्बाद होने से बचा लिया गया। मामले में चाइल्डलाइन की जागरूकता कार्यक्रम प्रखंड में कारगर साबित हुई। इस कार्य में बीडीओ का सहयोग सराहना किया। असराहा पंचायत के जेठीयाही निवासी शत्रुघ्न साह अपनी नाबालिग पुत्री की शादी तय कर खिरमा निवासी गणेश साह के पुत्र दीपक के संग तय कर दिया था। बीती रात यह शादी होनी थी। मंडप सज गई थी। दुल्हन और उनकी सहेलियां तैयार हो गई थी। मोहल्ले की महिलाएं शादी में जुटने लगी थी। बराती का भोजन तैयार हो रहा था। इसी ऐन वक्त पर गांव की किसी जानकार व्यक्ति ने बाल विवाह पर रोक लगाने को संकल्पित चाइल्डलाइन के प्रधान कार्यालय कोलकाता को 1098 पर सूचना दे दिया। सूचना चाइल्डलाइन को दिया गया। ग्रामीण की की सूचना पर चाइल्डलाइन की पहल से टला विवाह| जिला चाइल्डलाइन की सूचना पर केवटी चाइल्डलाइन के कार्यकर्ता तुरंत हरकत में आए। मामले की सूचना बीडीओ और थानाध्यक्ष को दिया। बाल विवाह जैसी संवेदनशील और गंभीर मामला को समझकर बीडीओ महताब अंसारी, बीएसओ अजय कुमार पासवान, सअनि चंद्रिका महतो, चाइल्डलाइन टीम मेंबर एलएस कुमार, भावना देवी, एके रंजन दल बल के संग विवाह स्थल पर पहुंचकर विषयों की जानकारी लिया। अधिकारियों ने लड़की का आधार कार्ड देखा तो दंग रह गए। वह मात्र 13 साल की निकली,जो गांव के ही स्कूल में आठवें वर्ग में पढ़ती है। इसकी शादी होना सर्वथा अनर्गल लगा तो कानून का हवाला देकर बीडीओ और चाइल्डलाइन की टीम ने विवाह को रुकवाया। लड़की के माता-पिता से समाज के सामने कागज बनवाया गया कि लड़की के बालिग होने के बाद ही शादी की जाएगी।

दूसरी शादी करने वाले के घर जाकर रुकवाई गई बारात
फिलहाल यह शादी तो रुक गई, लेकिन समाज से बाल विवाह की यह कुरीति कब समाप्त होगी यह विचारणीय विषय है। फिर अधिकारियों की यह टीम लड़का पक्ष के घर खिरमा पहुंचकर शादी के लिए बारात ले जाने से रोक दिया। यहां लड़का तो बालिक था लेकिन दीपक की दूसरी शादी थी। मामले को समाप्त कराते-कराते रात के 11 बज गए। फिर अधिकारियों के दल के सभी लोग लौट सके।

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