निरीक्षण / बेरोजगारी व पलायन की समस्या का निदान मखाना उद्योग से होगा : सांसद

The problem of unemployment and migration will be solved by the makhana industry: MP
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The problem of unemployment and migration will be solved by the makhana industry: MP

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

दरभंगा. मखाना की उपज सिर्फ मिथिला क्षेत्र में ही होती है। यह मिथिला क्षेत्र की प्रमुख फसल है। इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन एवं कैल्सियम पाई जाती है। ये बातें सांसद गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली मोड़ स्थित मखाना अनुसंधान केंद्र के निरीक्षण के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 28 फरवरी 2002 को राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र दरभंगा की स्थापना हुई थी। मिथिला क्षेत्र की बेरोजगारी और पलायन की समस्या का निदान मखाना उद्योग से ही होगा। मखाना की खेती के साथ में मछली, कमल फूल, सिंघाड़ा की भी खेती होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने मिथिला क्षेत्र के इस प्रमुख फसल के उत्पादन और इसके व्यापार को बढ़ावा देने की बात कही है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत माइक्रो फूड इंटरप्राइजेज के लिए 10 हजार करोड़ दिया गया है। इसके तहत मिथिला क्षेत्र में उपजने वाले मखाना के उत्पाद में लाभ मिलेगा और मखाना के किसान इससे लाभांवित होंगे। मौके पर प्रधान वैज्ञानिक डॉ. इंदु शेखर सिंह, मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार, वैज्ञानिक डॉ. बीआर जना, मत्स्य वैज्ञानिक शैलेन्द्र राउत, वरीय तकनीकी सहायक अशोक कुमार, तकनीकी सहायक धीरज प्रकाश सहित भाजपा के मंडल अध्यक्ष रजनीश झा, ब्रह्मानंद यादव, अजय राम, जिला मीडिया प्रभारी अमलेश झा आदि मौजूद थे।

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