लापरवाही / अस्पताल से दवा से भरी बाेरी क्लर्क के घर ले जा रही थी महिला, लोगों ने पकड़ा

The woman was taking the medicine-laden cleric to the house of the hospital, people caught
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The woman was taking the medicine-laden cleric to the house of the hospital, people caught

  • रसीदपुर स्वास्थ्य उपकेंद्र का मामला : आक्रोशितों ने किया हंगामा और नारेबाजी
  • लाेगाें ने जब दवाइयों को चेक किया तो देखा- बोरी में अच्छी दवाइयां भी थी

दैनिक भास्कर

Jun 28, 2020, 04:00 AM IST

दरभंगा. अलीनगर प्रखंड के रसीदपुर गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र से शनिवार को दवाओं से भरा बोरा ले जा रही एक महिला सफाई कर्मी को स्थानीय लोगों ने शक के आधार पर पकड़ा। शुरू में महिला सफाई कर्मी सुरती देवी ने लोगों को बोरा में आम होने की बात कह कर निकलने की कोशिश की। लेकिन, जब लोगों ने बोरा खुलवाया तो उसमें विभिन्न प्रकार की दवाइयां थी। इसे देख लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया एवं अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने आरोप लगाया कि मरीजों की दवा नहीं दी जाती है व सरकारी दवा की कालाबाजारी कर बेच दी जाती है। पकड़ी गई दवाओं में अच्छी दवा के साथ एक्सपायर दवाइयां भी थी। लोगों की ओर से कड़ाई से की गई पूछताछ में महिला ने बताया कि वह ये दवाइयां अस्पताल के क्लर्क विजय शंकर झा के घर पर ले जा रही थी। 
बाेरी लेकर जा रही महिला सफाईकर्मी से लाेगाें ने पूछा ताे उसने कहा- आम है पकड़ी गई तो बताया कि क्लर्क विजय शंकर झा के घर ले जा रही थी दवा

यह है सबूत... आरोपी क्लर्क ने कहा था कि सभी दवाइयां एक्सपायर थी, पर दवा पर एक्सपायरी डेट सितंबर 2020 (सफेद घेरे में) लिखा हुआ था

ग्रामीणों का आरोप : मात्र 3 घंटे ही खुला रहता है स्वास्थ्य उपकेंद्र

ग्रामीण नटवर झा, अभिजीत झा, नवनीत कुमार, रोहित कुमार, चंदन झा समेत कई युवाओं ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा इस स्वास्थ्य केंद्र पर 24 घंटे प्रसव की सुविधा है। लेकिन यहां के स्टाफ दिन के 11 बजे अस्पताल खोलते हैं और 1 बजे बंद करके चले जाते हैं। शनिवार को स्वास्थ्य केंद्र पर लिपिक विजय शंकर झा, डॉ. प्रमिला, एएनएम राज रूबी, सोनी कुमारी व प्रमिला देवी उपस्थित थे। डाटा ऑपरेटर व एक चतुर्थवर्गीय कर्मी अनुपस्थित थे। 

जांच के बाद कार्रवाई होगी : पीएचसी प्रभारी

अलीनगर सीएचसी प्रभारी डॉ. विमलेश प्रकाश से पूछा तो गया तो उन्होंने बताया कि सुरती देवी नाम की कोई भी सरकारी कर्मी नहीं है। वह एनजीओ के माध्यम से सफाई के लिए रखी गई है। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी हुई है तो जांच कर कार्रवाई होगी।

एक्सपायर हो चुकी दवाइयां थी : क्लर्क

आरोपी क्लर्क विजय शंकर झा ने कहा कि लॉकडाउन के कारण स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय तक बंद रहा। जिस कारण कुछ दवाइयां एक्सपायर हो गई। उसे स्वास्थ्य केंद्र से बाहर रखने के लिए महिला को दिया था, ताकि एक्सपायर दवाओं का वितरण रोगियों के बीच नहीं हो पाए। 

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