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असुविधा:डीएमसीएच की इमरजेंसी में एक बेड पर दो-दो बच्चाें का चल रहा इलाज

दरभंगा15 दिन पहले
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डीएमसीएच के शिशु विभाग के इमरजेंसी में एक ही बेड पर दो बच्चे इलाज करती महिला। - Dainik Bhaskar
डीएमसीएच के शिशु विभाग के इमरजेंसी में एक ही बेड पर दो बच्चे इलाज करती महिला।
  • इमरजेंसी व आईसीयू फुल, मौसम में बदलाव से शिशु वार्ड में बीमार बच्चाें की संख्या बढ़ी

माैसम में आए बदलाव से डीएमसीएच के शिशु विभाग में बीमार बच्चाें की संख्या में इजाफा हुआ है। 10 में से 7 बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही सांस लेने की तकलीफ से पीड़ित हैं। बीमार बच्चाें संख्या इतनी बढ़ गई है कि इमरजेंसी के 5 बेड फूल हैं। इमरजेंसी के एक बेड पर दो-दो बच्चाें का इलाज किया जा रहा है। जबकि आईसीयू के 6 बेड में से सभी 6 बेड फूल हैं। शिशु विभाग में तीन दिनों में 207 बच्चे इलाज के लिए भर्ती हुए। 4 सितंबर को 87, 5 सितंबर को 85 और 6 सितंबर की दोपहर तक 35 बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही सांस लेने की तकलीफ के इलाज कराने के लिए आए थे। बच्चाें की संख्या बढ़ने के कारण कालाजार वार्ड में भी ब्राेकोलाइटिस बीमारी के बच्चे को भर्ती किया गया है। कालाजार वार्ड के दो कमरे में 19 और शिशु वार्ड के इमरजेंसी स्थित दो वार्ड में 19 बच्चे भर्ती हैं। जबकि नीकू-पीकू वार्ड में 26 बच्चे भर्ती हैं। एनआईसीयू वन में 19 व टू में 15 बच्चे भर्ती हैं।

बच्चा सुस्त हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें : डॉ. अमरेश | सीनियर रेजीडेंट, शिशु विभाग के एसआर डॉ. अमरेश साहू ने बताया अभी अस्पताल में 10 में से 6 से 7 बच्चे में बुखार, सर्दी, खांसी के साथ ही सांस लेने की तकलीफ से पीड़ित हैं। यह वायरल डिजीज है, जो 2 माह से 2 साल के नीचे के बच्चे ज्यादा हो रहे हैं। इसको ब्राेकोलाइटिस कहते हैं।

फ्लू का भी बढ़ गया है प्रकोप

डॉक्टर ओम प्रकाश ने कहा कि छोटे बच्चों में ब्रोकेलाइटिस के प्रकोप के साथ बड़े बच्चों और वयस्कों में इनफ्लुएंजा या फ्लू का प्रकोप काफी बढ़ा हुआ है। यह हर उम्र में और स्त्री पुरुष दोनों में समान रूप से होता है। फ्लू में बुखार, जुकाम एवं सिर और शरीर में दर्द होना आम लक्षण है। अधिकांश लोगों में बुखार 3 से 5 दिन में ही ठीक हो जा रहा है। अगर बुखार एक सप्ताह से ज्यादा रहे तो टाइफाइड , हेपिटाइटिस या निमोनिया होने का खतरा है और इस समय डॉक्टर के पास जाकर पूरी जांच कराने की आवश्यकता है।

फ्लू इन्फ्लूएंजा नाम के एक वायरस के कारण होता है, जो एयरबोर्न है। दरभंगा में इसका प्रकोप साल में एक से दो बार होता है। बचाव के लिए अपने शरीर की इम्युनिटी बनाए रखनी है। इसलिए ताजे और हरी सब्जियां, फल, दूध और अंडे इत्यादि का सेवन करना है। छोटे बच्चों को मां का दूध जरूर देना है। भीड़ भाड़ वाली जगह से दूर रहना है। मास्क का इस्तेमाल करना है और चेहरे और नाक को हाथ से छूने से बचना है। फ्लू का टीका उपलब्ध है और यह प्रतिवर्ष लगाना पड़ता है । बहुत छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं एवं पदों पर फ्लू का गंभीर असर पड़ सकता है इसलिए उनमें प्रतिवर्ष फ्लू का टीका आवश्यक है।

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