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महापंचायत:गांव के लोग देसी शराब बनाना छोड़ें या जेल जाने को तैयार रहें

दरभंगा8 महीने पहले
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  • गांव की हाे रही बदनामी से चिंतित ग्रामीणों ने एकजुट होकर लिया संकल्प

सिंहवाड़ा प्रखंड की मनिकौली पंचायत के शेरहा टोला में बुधवार काे महापंचायत बैठी। इसमें गांव के पुरुष और महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। पंचों ने देसी चुलाई शराब बनाने व उसकी तस्करी को लेकर बदनाम शेरहा टोला की खोई प्रतिष्ठा वापस लाने के लिए शपथपूर्ण एक अहम फैसला लिया। वह है कि गांव में किसी को न तो शराब बनाने दिया जाएगा और बेचने। गांव को बिल्कुल ड्राई बनाया जाएगा। क्योंकि शराब तस्करों के इस धंधे से समाज पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए महापंचायत के निर्णय को सार्वजनिक रूप से मानना ही पड़ेगा। जो कोई इसकी अवहेलना करेंगे, उसके खिलाफ पुलिस को सूचना दी जाएगी और पकड़वाकर जेल भेजवाया जाएगा। पंचों ने अंग्रेजी व देसी शराब के अलावा गांजा समेत किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री भी नहीं हाेने देने का संकल्प लिया।

महापंचायत के इस फैसले से गांव के लगभग 50 शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि शेरहा टोला दरभंगा और मुजफ्फरपुर जिले की सीमा पर बुढ़नद नदी के किनारे बसा शेरहा टोला की आबादी करीब 2000 है। इसमें 50 लोग देसी शराब बनाने और उसकी तस्करी करने में लिप्त हैं। इसको लेकर पुलिस बारबार छापेमारी करती रही है। छापेमारी के दौरान भले लोगों के घर की भी पुलिस तलाशी लेने लगती है, इससे उन लोगों को खराब लगता है। ये सिलसिला जारी रहने की वजह से ही आजिज आकर लोगों ने एकजुटता दिखाई और बदनामी से बचने के लिए 100 से अधिक लोग महापंचायत में शामिल हुए। विचार-विमर्श के बाद फैसला सुनाया। साथ ही युवाओं ने तमाम शराब भट्ठियों को ध्वस्त करने का निर्णय भी लिया।

महापंचायत में निर्णय के बाद युवाओं ने 13 भटि्ठयों को कर दिया ध्वस्त
पंचायत के निर्णय के बाद युवाओं ने बुढ़नद के किनारे झाड़ियों में बनाई गई 13 शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। ये युवक गुरुवार को भी भट्ठियों को ध्वस्त करने का अभियान चलाएंगे। गत छह अक्टूबर को सीआईएटी के जवानों ने सिंहवाड़ा थाना पुलिस के सहयोग से बुढ़नद नदी किनारे नाव पर सवार होकर छापेमारी की थी। इस दौरान उपकरण समेत 50 लीटर चुलाई शराब और अर्द्ध निर्मित 700 लीटर चुलाई शराब को नष्ट कर दी थी। पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

गांव के शराबियों के कारण हम सब की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है, उस पर रोक लगे
सरपंच कमरून खातून के पति मो. आबिद, मुखिया राजकुमारी देवी के पति नथुनी साह के अलावा नरेश सहनी, बसीर सहनी, विमलेश सहनी, विष्णु सहनी, पवन सहनी, प्रभु सहनी, रौशन सहनी, प्रमोद सहनी, जदु सहनी, लक्ष्मण सहनी आदि दर्जनों की संख्या में पुरुषों के अलावा महिलाएं भी थी। महिलाओं ने गुस्सा भी जताया। उनका कहना था कि घर में बहू-बेटियां रहती हैं। रात-बिरात पुलिस आकर तलाशी लेने लगती है। क्या हमारी इज्जत नहीं है। इन शराबियों के कारण हम सब की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। उस पर रोक लगे।

शेरहा टोला में शराब का चलन अधिक बढ़ने के कारण युवा पीढ़ी नशा के दलदल में धंसती चली जा रही है। शराब की चलन को रोकने के लिए ग्रामीणों की महापंचायत में चुलाई शराब बनाने व उसके सेवन पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। पंचायत की बात नहीं मानने वालों पर कार्रवाई के लिए शिकायत की जाएगी।
- कमरून खातून, सरपंच, ग्राम कचहरी मनिकौली, सिंहवाड़ा

महापंचायत के निर्णय से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग मिलेगा। इसमें महिलाओं ने भी भाग लिया। युवाओं से अपील है कि वे लगातार इस मूहिम को जारी रखें। इससे हमारी नई पीढ़ी गलत राह पकड़ने से तो बचेगी ही, हम सबकी इज्जत-प्रतिष्ठा भी बचेगी। पुलिस भी नहीं आएगी।
- राज कुमारी देवी, मुखिया, ग्राम पंचायत मनिकौली, सिंहवाड़ा
ग्रामीणाें काे हरसंभव मदद करेगी पुलिस : थानाध्यक्ष
ग्रामीणों का यह कदम सराहनीय तो है ही, साथ ही एक अद्भुत पहल है। शराब तस्करों को रोकने और दूसरी राह दिखाने में आगे आने वाले गांव के प्रत्येक लोगों के साथ हम भी है। जब भी आवश्यकता पड़ेगी, पुलिस उनकी मदद करेगी।
- अमित कुमार, थानाध्यक्ष, सिंहवाड़ा

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