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विडंबना:आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद भी सिरसिया के लोगों को अब तक नहीं मिली सहायता

हसनपुर6 दिन पहले
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  • करेह नदी की पेटी में बसा है सिरसिया, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर प्रत्येक साल आती है बाढ़
  • जनवरी 2019 को आपदा प्रबंधन ने सिरसिया को घोषित किया था आपदा प्रभावित क्षेत्र

प्रखंड की भटवन पंचायत का सिरसिया गांव जो कि करेह नदी की पेटी में बसा हुआ है। प्रत्येक साल नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर इस गांव में नदी का पानी प्रवेश कर जाता है। अर्थात जुलाई-अगस्त से लेकर नवंबर तक सिरसिया गांव बाढ़ की चपेट में रहता है। सिरसिया गांव के लोगों के लिए बाढ़ की समस्या कोई नई नहीं है। यदि ऐसा कहें कि सिरसिया गांव के लोगों के लिए बाढ़ अभिशाप बन चुका है, तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

बाढ़ के कारण सिरसिया गांव प्रत्येक साल पांच महीने तक अस्थाई रूप से सिरसिया बांध पर निवास करता है। इस समस्या के मद्देनजर 10 जनवरी 2019 में जिलास्तरीय पदाधिकारियों की एक टीम सिरसिया पहुंची थी। पदाधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक करने के बाद आपदा प्रबंधन की ओर से सिरसिया को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया। सिरसिया को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद दिल्ली की एक एनजीओ ने इस गांव को गोद भी लिया था।

इसके तहत आपदा के समय गांव के लोगों को हर तरह की सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया। इससे गांव के लोगों के मन में आशा की एक उम्मीद जगी कि बाढ़ के समय उनलोगों को कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन गांव के लोगों के उम्मीदों पर तब पानी फेर गया, जब पिछले दो सालों 2019 व 2020 के बाढ़ में सिरसिया गांव के लोगों को कहीं से कोई विशेष सहायता प्रदान नहीं की गई। पिछले दोनों बाढ़ जैसी आपदा के समय गांव को गोद लेने वाली एनजीओ का कहीं से कोई अता-पता नहीं चला।‌

बस प्रखंड प्रशासन की ओर से किए जाने वाले सहायता से ही सिरसिया गांव के लोगों को संतोष करना पड़ता है। गांव के लोगों का कहना है कि जब सिरसिया गांव को आपदा प्रबंधन की ओर से आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया जा चुका है, तो बाढ़ पीड़ितों को सहायता क्यों नहीं मिलती है। इसके लिए वरीय पदाधिकारी को पहल करना चाहिए। ताकि इस बार आने वाली बाढ़ में सिरसिया गांव के लोगों को विशेष सहायता मिल सके।

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