खेती पर पड़ेगा असर / रुक-रुककर हुई मूसलाधार बारिश से करेह नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी, लोगों में बाढ़ का डर

Intermittent torrential rains led to rise in water level of Kareh river, fear of floods among people
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Intermittent torrential rains led to rise in water level of Kareh river, fear of floods among people

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

हसनपुर. प्रखंड सहित आप-पास के क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई बारिश से करेह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगा है। करेह नदी के जलस्तर में हो रहे बढ़ोतरी से नदी की पेटी में बसे सिरसिया के ग्रामीणों के मन में बाढ़ का भय उत्पन्न होने लगा है। ग्रामीणों के अनुसार यदि जलस्तर में चार से पांच फीट की और बढ़ोतरी होती है, तो पानी नदी के निकलकर खेतों की ओर रुख कर जाएगा। इस स्थिति में बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने से आम जन जीवन पर अच्छा खासा असर पड़ेगा।

यदि बारिश नहीं थमती है और नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रहती है, तो इस स्थिति में बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने पर आम जन जीवन के साथ पशुओं के रहन-सहन और भोजन की भी समस्या उत्पन्न हो जाएगी। साथ ही किसानों के खेतों में लगे फसलें को भी नुकसान पहुंचेगा। बताया जाता है कि करेह नदी के पेटी में बसे सिरसिया गांव के किसानों की मुख्य खेती गन्ना व धान है। प्रत्येक साल की तरह इस साल भी इस गांव के किसान अपने खेतों में गन्ना व धान की खेती किए हैं। यदि बाढ़ की समस्या उत्पन्न होती है, तो ये सभी फसलें बाढ़ के पानी में डूब जाएंगी। ग्रामीणों के अनुसार गन्ना की फसलें उनलोगों के आर्थिक आमदनी का मुख्य श्रोत है। धान की फसलों के माध्यम से उनलोगों के भरण-पोषण में फायदा होती है।

यदि बाढ़ की समस्या आती है, तो किसानों की कमड़ ही टूट जाएगी। किसानों के अनुसार वे लोग कर्ज लेकर खेती करते हैं। इस स्थिति में फसलों के नुकसान होने पर उनलोगों के अरमानों पर पानी फिर जाएगा। परिवार के जीविकोपार्जन में समस्या उत्पन्न हो जाएगी। बताया जाता है कि करेह नदी के जलस्तर में यदि लगातार बढ़ोतरी होती रही तो इस कारण राजघाट के निकट व बेलौन ढ़ाला पर नदी का पानी चढ़ने का डर बन जाागाए। ग्रामीणों ने बताया कि सिरसिया के लोगों का गांव से बाहर निकलकर मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए बेलौन ढ़ाला ही मुख्य रास्ता है। यदि बेलौन ढ़ाला पर नदी का पानी बहने लगेगा, तो इस रास्ते आवाजाही ठप हो जाएगी। इस स्थिति में मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए नाव ही एक मात्र सहारा होगा।

कीचड़युक्त पगडंडी से होकर आने-जाने के लिए मजबूर हैं लोग, समस्या दूर करने के लिए नहीं हो रहा है प्रयास

हसनपुर| प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली करेह नदी के पेंटी में बसा हुआ भटवन पंचायत के सिरसिया गांव के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नसीब नहीं है। गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए एकमात्र रास्ता पगडंडी है। वर्तमान समय में बारिश के कारण इस पगडंडी की सूरत ही बदल गई है। पगडंडी पर बड़े-बड़े गड्ढे व कीचड़ के अंबार लगे होने के कारण इससे होकर पैदल चलना भी मुश्किल है। पहली बार एक नजर से देखने पर लोग यह भी निष्कर्ष नहीं निकाल पाते हैं कि, यह कीचड़युक्त पगडंडी हैं, या फिर दलदली जमीन। इस पगडंडी के अलाव गांव से बाहर निकलने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हालांकि करेह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण नदी की पेटी में बना यह पगडंडी अब नदी में समाने को है।

तब ऐसी स्थिति में गांव से बाहर निकलने का एकमात्र साधन नाव ही रह जाएगा। ऐसे भी इस गांव के लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए नाव या फिर पगडंडी का ही सहारा लेना पड़ता है। बताया जाता है कि इस गांव को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाका घोषित किया जा चुका है। एक एनजीओ संस्था के द्वारा गोद भी लिया जा चुका है। लेकिन इस गांव में आमलोगों की सुविधा के लिए उचित प्रबंधन व आवश्यक कार्य के लिए कोई पहल नहीं किया जा रहा है।

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