प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा वैक्सीनेशन:महिला दिवस पर 50 से अधिक महिलाओं को काेविड-19 की वैक्सीन दी जाएगी, तैयारियां पूरी

जयनगर9 महीने पहले
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महिला दिवस को लेकर कोविड को हराने का निर्णय लेती छात्राएं। - Dainik Bhaskar
महिला दिवस को लेकर कोविड को हराने का निर्णय लेती छात्राएं।

वीमन इन लीडरशिप अचिविंग एन इक्वल फ्यूचर इन ए कोविड-19 वर्ल्ड थीम पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। इस थीम को अंतर्ग्रहण करते हुए जयनगर बॉर्डर की छात्राओं ने अपने कैरियर के प्रति संकल्प लिया। साथ ही हर परिस्थिति में कंधे से कंधे मिलाकर कार्यों को अंजाम देने की प्रतिज्ञा ली है।

यह दिन महिलाओं की सफलता और सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। लोगों को महिलाओं के अधिकारों और लैंगिक समानता के बारे में जागरूक करने के लिए भी महिला दिवस का महत्व बढ़ जाता है। कोरोना से युद्ध जीतने के लिए लगी सिस्टम व टेक्नोलॉजी में महिलाएं भी आगे है। तीसरे फेज की कोरोना रोधिक वैक्सीन दी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जयनगर सरकारी अस्पताल में न्यूनतम 50 महिलाओं को कोरोना रोधिक वैक्सीन दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। अस्पताल प्रबंधक अर्चना भट्ट बताती है की 8 मार्च महिला दिवस के दिन कोरोना टीकाकरण के दौरान महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं को कोविड-19 टीकाकरण को लेकर जागरूक की गई है।

जिज्ञासा बढ़ने से आप कैरियर में आसानी से सफलता प्राप्त करते हैं
वहीं अपने कैरियर के प्रति जागरूक बॉर्डर के छात्राओं ने कोविड को परास्त करने के साथ साथ एकाग्रता को हथियार बना कर अपनी मंजिल पाने की दृढ़ संकल्प लिया। बीए की छात्रा साधना, वर्षा, निक्की, चिक्की व मोनिका ने बताया की जिज्ञासा व अपने कैरियर के प्रति एकाग्रता मंजिल पाने की प्रथम सीढ़ी है। बुलंद हौसला व अंदर खुशी की दीप जलाने मात्र से ही सब कुछ सौहार्दपूर्ण हो जाता है।

उन्होंने कहा की अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर पुरूषों को भी प्रकृति यानी महिलाओं को सम्मान करने को लेकर दृढ़ संकल्प लेने की जरूरत है। महिलाएं अपने विचारों एवं कार्यो के लिए हर रोज जिम्मेदार है और वे दुनिया को हर रोज चुनौती देती है।

पुरुषाें की साेच में बदलाव हाेने से जल्द सशक्त हाेंगी महिलाएं

छात्राओं ने कहा कि पुरुष की साकारात्मक सोच की जरूरत है ताकि समाज की धुरी महिला और सशक्त बन सके। वहीं एक हजार दिवस के निकट पहुंचे जयनगर रोटी बैंक ने भी महिला दिवस के अवसर पर समाज मे अंतिम पंक्ति की महिलाओं को अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक करने की निर्णय लिया है।

रोटी बैंक के व्यवस्थापक लक्की राउत एवं सुनील कुमार ने बताया की रोटी बैंक का उद्देश्य समाज में हीनता से ग्रसित महिला व पुरुषों को उत्थान के साथ-साथ समाज के मुख्य धारा से जोड़ना है। ताकि समाज मे समरसता एवं समांतर विचार धारा बना रहे। उधर महिला विकास मंच ने भी महिलाओं की उत्थान को लेकर दृढ़ संकल्पित है। महिला दिवस के अवसर पर जयनगर महिला वॉलीबॉल टीम को आवश्यक वस्तु मुहैया कराएगी। ताकि खेल के दुनिया मे भी बॉर्डर के महिला भी अव्वल रहे।

मंच के दीप शिखा सिंह ने बताया की जयनगर में दो से तीन महिला वॉलीबॉल टीम है। संबंधित खेल से जरूरी के समान टीम को हमेशा उपलब्ध कराती रहेगी। मौके पर जयनगर महिला कॉलेज के संस्थापक सह अध्यक्ष गिरधर सराफ ने भी बॉर्डर के महिलाओं के उत्थान के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया को महिलाओं में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से ही महिला कॉलेज की स्थापना की गई है। आज हर घर की महिलाएं कॉलेज शिक्षा अर्जन कर रही है। कॉलेज में प्रमुख्य पद भी महिलाएं ही संभाल रही है।

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