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आफत बनी बाढ़:जाले उत्तरी व जोगियारा की 2000 एकड़ उपजाऊ भूमि 40 वर्षों से है जलमग्न

जाले12 दिन पहले
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  • मस्सा, रतनपुर, कछुआ और राढी पंचायत के सैकड़ों एकड़ खेतों में भी बारिश का पानी लबालब भरा है, पहले किसान साल में तीन फसल उगाया करते थे, अब हो रही किसानों को परेशानी

प्रखंड के जाले घोघराहा व जोगियारा घोघराहा सड़क के मध्य में जाले उत्तरी पंचायत व जोगियारा पंचायत की एक हजार एकड़ भूमि जलजमाव के कारण 40 वर्षों से चौर बनी है। वही मस्सा, रतनपुर, कछुआ और राढी पंचायत के सैकड़ों एकड़ खेतों में भी बारिश का पानी लबालब भरा है। भूखंड में आसपास की पंचायतों के कई गांव के लगभग पांच हजार गरीब व समर्थ किसानों की भूमि लुप्त हो चुकी है। ग्रामीण के मुताबिक 1980 के दशक तक खेतों में स्थानीय किसान हर वर्ष तीन फसल उगाया करते थे।

उपज भी इतनी उन्नत हुआ करती थी कि शायद ही कोई भूखंड खाली पड़ा दिखता था। जोगियारा पंचायत के मुखिया, सरपंच सहित ग्रामीण रामप्रवेश सिंह, राधेश्याम सिंह, सुधीर सिंह, लक्ष्मेश्वर प्रसाद सिंह आदि ने बताया कि अब तक संबंधित विभाग, दर्जनों पदाधिकारियों सहित पूर्व सांसद हुकुमदेव नारायण यादव, विजय कुमार मिश्र, पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा व वर्तमान विधायक जीवेश कुमार से मुलाकात कर समस्या के निदान का कई बार मांग कर चुके हैं। वर्तमान सांसद से अब तक ग्रामीणों की मुलाकात तक नहीं हो पाई है। आज तक तमाम राजनेताओं द्वारा आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ा जाता रहा है। विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले विधायक जीवेश कुमार के पहल पर 23 करोड़ की लागत से नाले का निर्माण कार्य शुरू किया गया। जिसे संवेदक ने बीच में ही बंद कर दिया।

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