अनदेखी:आजादी के 72 साल बाद भी विकास कार्य से वंचित हैं ग्रामीण

खुटौना6 महीने पहले
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  • अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के सुस्त रवैये के कारण लौकहा बंगाली टोल आज भी विकास से कोसों दूर, लोग हो रहे परेशान

कहने को तो सूबे के मुखिया के द्वारा बिहार के हर एक गांव में सड़क, बिजली, पानी आदि कार्यों से विकास की गंगा बहा दी गई है। लेकिन आजादी के करीब 72 साल बाद भी लौकहा थाना क्षेत्र के बंगाली टोल में विकास की गति कितनी धीमी है, इसका उदाहरण पेश करती लौकहा की मुख्य सड़क पर जल जमाव की ये तस्वीरें जहां बीते 17 सालों से लोग अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से समस्या को लेकर गुहार लगाई गई। लेकिन समस्या अबतक जस की तस बनी हुई है।  यह तस्वीर विकास के उन दावों की पोल खोलकर रख देती है। जहां सरकार के द्वारा दावा किया जाता है। लौकहा बंगाली टोल आज भी विकास से कोसों दूर है। इस गांव में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पानी जैसी कई मूलभूत सुविधाएं से लोग वंचित हैं। आलम यह है कि हल्की बूंदाबांदी में ही मुख्य सड़क पर जल जमाव की स्थिति बन जाती है। लेकिन इसको देखने या सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने समस्याओं के निराकरण को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से कई गुहार लगाई जा चुकी है।

बावजूद उनकी समस्याएं जस की तस बनी है। यह समस्या लौकहा थाना क्षेत्र के बंगाली टोल का है। स्थानीय ग्रामीण अरुण कुमार दत्त, प्रमोद ठाकुर, अमन सिंह, देवांशु कुमार लाहा, बिशाल कुमार, मो. इंतेख़ार राजा, रूपेश कुमार गुप्ता, संजीत लाहा, सत्रुधन प्रसाद गुप्ता, फूल महमद मंसूरी सहित स्थानीय सैकड़ों लोगों के द्वारा फुलपरास एसडीओ, बीडीओ सहित कई जनप्रतिनिधियों से बंगाली टोला स्तिथ मुख्य सड़क की बदहाली को लेकर लिखित शिकायत की गई है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
बारिश में लोगों का पैदल चलना हो जाता दूभर
ग्रामीणों के अनुसार हल्की बंुदाबांदी बारिश होने पर भी मुख्य सड़क पर जल जमाव की स्थिति बन जाती है। जसके कारण सड़क पर यातायात आने जाने वाले गाड़ियों से पानी संबंधित घरों में घुस जाता है। हल्की बारिश होने पर ही लोगों को घर से निकलना दुर्लभ हो जाता है। बीते सप्ताह में हुई महज पांच मिनट की बूंदाबांदी में ही सड़क पर पानी झील की तरह जाम लग गया। बारिश के मौसम में तो, लोगों का जीना दूभर हो जाता है। यहां तक की बरसात के मौसम में महिलाओं को घर से निकलने में परेशानी होती है।

सड़क किनारे लगे ट्रांसफाॅर्मर से करंट का डर
ग्रामीणों ने कहा कि उक्त सड़क के दोनों ओर हाई वोल्टेज का तार व 11 हाजर का ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ है। हल्की बूंदाबांदी में ही सड़क पर जल जमाव की स्थिति बन जाने से कभी कभी जमीन पर ही बिजली का करंट का प्रभाव महसूस होने लगता है। वहीं इस कारण कभी भी कोई अप्रिय घटना होने की संभावना बनी रहती है। वह भी यह समस्या 2004 से ही बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि बीते 16 साल से यह समस्या स्थानीय लोग झेल रहे हैं। इसके बावजूद कोई उचित कदम नहीं उठाया गया है।

मसूद कलीम, हनुमान प्रसाद गुप्ता, लाला कुमार ने बताया कि उनके द्वारा पिछले 17 वर्षो से अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से इस जल जमाव की समस्या से गुहार लगाई गई किंतु सभी के द्वारा आज तक समस्या को अनदेखा कर दिया गया है। अब वे लोग आंदोलन के बाध्य हो रहे है। इस संबंध में फुलपरास एसडीओ गणेश कुमार से पूछने पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं बोल कर फोन काट दिया गया। वहीं बीडीओ आलोक कुमार को दूरभाष पर सम्पर्क करने पर कहा कि वह विभागीय कार्य से पटना आए हुए है।

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