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फूड प्वाइजनिंग की आशंका:भगैत का बासी प्रसाद खाने से 16 बच्चे हुए बीमार, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज

शंकरपुर/मधेपुरा24 दिन पहले
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परिजनों के साथ सदर अस्पताल में मौजूद बच्चे। - Dainik Bhaskar
परिजनों के साथ सदर अस्पताल में मौजूद बच्चे।
  • शंकरपुर प्रखंड क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में शादी की पूर्व संध्या पर किया गया था आयोजन
  • ग्रामीणों ने प्रसाद में छिपकली के गिरी होने की जताई आशंका

प्रखंड क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में भगैत का बासी प्रसाद खाने से बुधवार की सुबह 16 बच्चे बीमार हो गए। सभी का पीएचसी शंकरपुर में उपचार कर बेहतर इलाज के सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है। हालांकि सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि संभव है कि प्रसाद में छिपकली गिर गई होगी, इस कारण से प्रसाद खाने के बाद छोटे-छोटे बच्चों को उल्टी और दस्त शुरू हो गई। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता से सभी बीमार बच्चों को तत्काल अस्पताल भेज दिया गया, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। दूसरी ओर, घटना के बाद आयोजक के परिवार के लोग भी भयभीत हैं। एक बच्ची के पिता मधुरंजन कुमार ने बताया कि कोल्हुआ गांव के रामकुमार यादव उर्फ रामा की बुधवार को शादी होने वाली थी। इसे लेकर मंगलवार की शाम को उसके दरवाजे पर भगैत कार्यक्रम शुरू हुआ था। इसमें अरवा चावल, गेहूं के आटा, शक्कर आदि का गीला प्रसाद बनाया गया था। देर रात तक चले कार्यक्रम के कारण छोटे-छोटे बच्चे सो गए थे। इस कारण से वे लोग प्रसाद नहीं खा पाए थे। बच्चों के लिए प्रसाद को रख दिया गया था। सुबह होने के बाद आसपास के डेढ़ दर्जन बच्चे शादी वाले घर पर प्रसाद खाने के लिए पहुंच गए। बच्चों ने जैसे-जैसे प्रसाद खाया। कुछ बच्चे बेहोश होकर गिर गए। कुछ देर के बाद सभी बच्चों को उल्टी और दस्त शुरू हो गई। इससे देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि घटना के बाद परिवारीजनों ने बचे हुए प्रसाद को कहीं दूर फेंक दिया।

सदर अस्पताल में इलाजरत बच्चे।
सदर अस्पताल में इलाजरत बच्चे।

एक के बाद एक बच्चों की खराब होने लगी हालत
एक के बाद एक बच्चों की हालत खराब होते देख आनन-फानन में सुबह 11 बजे के आसपास परिजनों ने सभी बच्चों को इलाज कराने के लिए पीएचसी शंकरपुर लेकर आ गए। लेकिन बच्चों की स्थिति को देखते हुए वहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज कर बच्चों को सदर अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि जिन बच्चों की स्थिति खराब हुई थी, उनमें उनमें प्रिंस कुमार (5 वर्ष), सुजीत कुमार (7 वर्ष), रियांश (2 वर्ष), अलका (5 वर्ष), अनीकांत (3 वर्ष), अमन(2 वर्ष), संतोषी कुमारी (5 वर्ष), लक्ष्मी कुमारी (3 वर्ष), दर्शन कुमार (5 वर्ष), प्रिया कुमारी (5 वर्ष), सपना कुमारी (5 वर्ष), गोलू कुमार (4 वर्ष), काजल कुमारी (2 वर्ष), शंकर कुमार (7 वर्ष), सिंपू (9 वर्ष), प्रीति (5 वर्ष) आदि शामिल हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरपुर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विमल कुमार ने बताया कि पीएचसी में 16 बच्चों को बेहोशी की हालत में लाया गया था। जिन्हें प्राथमिक उपचार कर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

बीमार बच्चों को सदर अस्पताल कर दिया गया है रेफर
दोपहर साढ़े 12 बजे बच्चों को पीएचसी में भर्ती कराया गया था। जिन्हें ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उचित दवा और सूई देकर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान कुछ बच्चाें को एंबुलेंस से और कुछ को निजी वाहन से भी भेजा गया। प्रथमदृष्टया मामला फूड प्वाइजनिंग का लगता है। वरीय पदाधिकारी को मामले से अवगत करा दिया गया है। निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर कुंदन कुमार, पीएचसी प्रभारी, शंकरपुर

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