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तैयारी:शिशु रोग विशेषज्ञ के 10 स्वीकृत पदों पर 6 डॉक्टर कार्यरत

मधेपुरा6 दिन पहले
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मेडिकल काॅलेज में शिशुओं के लिए तैयार बेड। - Dainik Bhaskar
मेडिकल काॅलेज में शिशुओं के लिए तैयार बेड।
  • मेडिकल कॉलेज में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने को मेडिकल कॉलेज में बढ़ाए गए हैं संसाधन

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने काे लेकर जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में भी तैयारी की जा रही है। यहां हाल के दिनों में चिकित्सकों की भारी कमी हो गई थी। इसे देखते हुए बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की नियुक्ति की गई। बताया गया कि हाल के दिनों में 80 से ज्यादा चिकित्सकों ने यहां योगदान दिया है। लेकिन इनमें से अधिकांश डॉक्टरों ने अस्पतालों में चिकित्सा पदाधिकारी के लिए भी अप्लाई किया हुआ था। ऐसे में कितने डॉक्टर दूसरे अस्पतालों में चिकित्सा पदाधिकारी बनेंगे और कितने यहां वापस आएंगे यह कहना अभी कठिन है। फिलहाल बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में सभी काेटि के शिक्षक से लेकर चिकित्सक के यहां 307 पद स्वीकृत हैं। इनमें से अभी 149 कार्यरत हैं। जबकि 158 पद रिक्त है। जबकि शिशु रोग विशेषज्ञ की बात करें तो यहां 10 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से 6 चिकित्सक अभी कार्यरत हैं। स्वीकृत पदों के विरुद्ध आधे से भी कम चिकित्सक यहां हैं, ऊपर से यदि कुछ डॉक्टर दूसरे अस्पतालों में चले जाते हैं कि यहां और चिकित्सकों की कमी हो जाएगी। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो सकती है।

अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं
कहा जा रहा था कि पिछले सवा साल से मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे जरूरी सुविधाओं की कमी का रोना रोया जाता रहा है। लेकिन अब यहां हॉर्निया, गॉल ब्लाडर, पथरी आदि के ऑपरेशन की शुरुआत की गई है। अभी मेडिकल कॉलेज में एच-4 ब्लॉक में कई ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका एक-दो दिन में हॉर्निया, पथरी, गॉल ब्लाडर आदि का ऑपरेशन किया गया है। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉक्टर बैद्यनाथ ठाकुर बताते हैं कि ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यहां ब्लड बैंक खोले जाने की भी प्रक्रिया चल रही है। आने वाले कुछ दिनों में यह सुविधा भी मरीजों को मिलने लगेगी। इसके साथ ही ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीन आ गई है। इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ऑक्सीजन की आपूर्ति होने लगेगी।

तैयार कर लिया गया है शिशु वार्ड
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर भूपेंद प्रसाद ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में 60 बेड बनाए गए हैं। सभी बेड जरूरी सुविधाअों से लैस हैं। इसके साथ ही 10 बेड का नीकू वार्ड भी बनाया गया है। बच्चाें के लिए वेंटिलेटर से लेकर सभी जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखी गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी खासकर बच्चों में वायरल फीवर देखने को मिल रहा है। लेकिन पैनिक की बात नहीं है। बावजूद एहतियातन जांच भी कराई जा रही है। अभी स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण के दृष्टिकोण से मेडिकल काॅलेज को हरा-भरा बनाया ही गया है, इसके साथ ही प्रयास किया जा रहा है। इससे मरीजों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इसकी शुरुआत भी की गई है।

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