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हादसा:7 दिन में बाढ़ के पानी में डूबकर एक दर्जन बच्चों की हुई मौत, फिर भी बरत रहे लापरवाही

मधेपुरा14 दिन पहले
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चौसा में आई बाढ़ से जमा पानी, जिससे लोगों को हो रही है परेशानी।
  • जिले में कोरोना और बाढ़ ने छीना बचपन, कई इलाकों में फैला पानी, लोगाें में आक्रोश
  • बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने की खाने-पीने तथा दवा के व्यवस्था की मांग

जिले में काेरोना संक्रमण को लेकर स्कूल तथा कॉलेज बंद रहने के कारण जहां लगभग छह लाख से अधिक बच्चे पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं वहीं बाढ़ ने लगभग एक लाख बच्चों की रोटी पर भी खतरा पैदा कर दी है। सात दिन में बाढ़ के पानी में डूबकर अब तक एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके बाल संरक्षण विभाग से जुड़े पदाधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। देखा गया कि बाल संरक्षण से जुड़े किसी भी विभाग के पदाधिकारी न तो मृत बच्चों की जानकारी लेना उचित समझ रहे हैं और न ही कुछ इस तरह की व्यवस्था की गई है कि ताकि आगे बच्चों की मौत कम से कम बाढ़ के पानी में डूबने से नहीं हो। ज्ञात हो कि बच्चों को बाढ़ से सुरक्षा को लेकर जब जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अखिलेश कुमार के मोबाइल संख्या-9065382311 पर बातचीत के लिए कॉल किया गया तो वे फोन रिसीव नहीं किए। उदाकिशुनगंज अनुमंडल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अभिभावकों का कहना है कि बाढ़ ने बच्चों की जिंदगी लील ली है। अगर समय रहते सरकार बाढ़ प्रभावित बच्चों के भोजन तथा चिकित्सा पर ध्यान नहीं देगी तो आने वाले समय में बच्चे भूख और बीमारी के कारण मौत के गाल में समा जाएंगे। सबों ने बाल संरक्षण पदाधिकारी व डीएम से बच्चों का आकलन कर उसके खाने-पीने तथा दवा के व्यवस्था की मांग की है।

गंगापुर पंचायत में बाढ़ के पानी में डूबने से बच्ची की मौत
आलमनगर प्रखंड क्षेत्र के गंगापुर पंचायत में 25 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर डूबने से एक बच्ची और एक किशोरी की मौत हो गई। इससे दोनों परिवार में मातम पसर गया है। बताया गया कि गंगापुर पंचायत के अठगामा निवासी मनोज मंडल की 17 वर्षीया पुत्री प्रीति कुमारी की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों का कहना कि वह शौच के लिए गई थी। इसी दौरान पांव फिसल जाने से वह गहरे पानी में चली गई और उसकी डूबने से मौत हो गई। लोगों ने बताया कि गहरे पानी में चले जाने के कारण स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी खोजबीन के बाद शव को निकाला गया।

डूबने से दो वर्षीय बच्ची की मौत
आलमनगर रतवारा ओपी क्षेत्र के गंगापुर पंचायत स्थित वार्ड-तीन कोलवारा टोला निवासी शुक्ल मंडल की दो वर्षीया पुत्री महकी कुमारी की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस बाबत परिजनों ने बताया कि दोपहर का समय था। पानी की वजह से बच्ची बरामदे में बने मचान पर खेल रही थी। इसी क्रम में खेलते-खेलते वह मचान पर से लुढ़क कर आंगन में लगे पानी में गिर गई। आधे घंटे के बाद जब बच्ची पर लोगों का ध्यान गया तो देखा कि आंगन में लगे बाढ़ के पानी में उसका शव पड़ा हुआ है। इसके बाद उसे उठाया गया, तो बच्ची की मौत हो चुकी थी।

बाढ़ के पानी में मस्ती करते बच्चे हो सकता है बड़ा हादसा।

बाल संरक्षण को ले है प्रावधान
भारतीय संविधान में सभी बच्चों के लिए कुछ अधिकार निश्चित है। जिसे विशेष रूप से उनके लिए संविधान में शामिल किया गया है। इसके तहत 6-14 वर्ष की आयु समूह वाले सभी बच्चों को अनिवार्य और नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार तथा भौतिक कारणों से होने वाले शोषण से सुरक्षा का अधिकार समेत अन्य अधिकार शामिल है।

डूबने से बच्ची की मौत
बुधामा ओपी क्षेत्र के खाड़ा वार्ड संख्या-एक निवासी मंटू ऋषिदेव की 12 वर्षीय पुत्री शिमरण कुमारी की मौत 28 जुलाई को गड्‌ढे में डूबने से हो गई। किसान डूबती हुए बच्ची को देख बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक डूब चुकी थी।

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