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सुविधा:‘इफको खाद की खरीद पर मिलता है दुर्घटना बीमा’

मधेपुरा13 दिन पहले
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  • संकट हरण योजना के तहत किसानों को मिलता है लाभ, एक साल के लिए मान्य होता है इंश्योरेंस

खरीफ फसल का सीजन शुरू हो चुका है। धान की अच्छी पैदावार के लिए किसान उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। उर्वरक खेत की मिट्टी को पोषक तत्व देने और फसल के पैदावार बढ़ाने का काम तो करते ही हैं, साथ ही किसानों की सुरक्षा भी मुहैया कराते हैं। उक्त आशय की जानकारी डीएओ राजन बालन ने दी। बताया कि इफको यानी इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-आॅपरेटिव लिमिटेड विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारिता संस्था है। यह खाद के हर बोरा पर बीमा कवरेज भी देता है। जागरूक नहीं रहने से किसान इस योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि उर्वरक के एक बोरा पर 4000 रुपए का दुर्घटना इंश्योरेंस मिलता है। जो एक साल के लिए मान्य होता है। एक किसान को अधिकतम 25 बोरों पर यानी एक लाख रुपये का बीमा कवरेज मिलता है। इस इंश्योरेंस प्रीमियम का पूरा भुगतान इफको द्वारा किया जाता है।

मिलता है एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा
उन्होंने बताया कि उर्वरक के बोरों पर मिलने वाले दुर्घटना बीमा के तहत एक्सीडेंट में मृत्यु होने पर प्रभावित परिजनों को एक लाख रुपए का भुगतान किया जाता है। बीमा की यह राशि प्रभावित परिवार के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। दुर्घटना में दो अंग क्षतिग्रस्त होने पर 2000 रुपए प्रति बोरा के हिसाब से अधिकतम 50,000 रुपए की बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। एक अंग क्षतिग्रस्त होने की दशा में 1000 रुपए प्रति बोरा के हिसाब से बीमा कवरेज दिया जाता है।

किसानों को नहीं है योजना की जानकारी
जागरूकता की कमी के कारण किसानों को कई योजनाओं की लाभ से वंचित रहना पड़ जाता है। किसानों के लिए यह बीमा राशि काफी मददगार साबित हो सकती है। कई किसानों ने बुरे दौर में इस योजना का लाभ लिए भी हैं लेकिन इस योजना के लाभ लेने से वंचित किसानों की तादाद भी काफी अधिक है।

इन मामलों में मिलता है बीमा का लाभ
सर्पदंश, रेल या सड़क दुर्घटना का शिकार, पानी में डूबने, गैस सिलेंडर के फटने, जलने तथा किसी मशीन की चपेट में आने पर किसान या उसके द्वारा नामित उनके परिवार का कोई सदस्य इस बीमा राशि को लेने का हकदार होता हैं। सामान्य मामलों में मौत और आत्महत्या के मामले में इसका लाभ नहीं दिया जाता है। यह स्कीम किसानों को केवल इफको के कार्यालय से खरीदे गए बैग पर ही मिलती है।

इस तरह से लें योजना का लाभ | इफको द्वारा दिए जाने वाले इस दुर्घटना बीमा के लाभ के लिए प्रभावित किसान के पास उर्वरक खरीद की रसीद होनी चाहिए। किसान के पास जितने बोरों की रसीद होगी, उसी हिसाब से बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा। दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने पर बीमा का दावा करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पंचनामा होना चाहिए। अंग-भंग होने की दशा में एक्सीडेंट की पुलिस रिपोर्ट होनी चाहिए।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
किसानों को इफको से खाद खरीदते समय रसीद लेनी चाहिए। उन्हें रसीद में अपना या खरीददार का नाम, पिता, पति अथवा पत्नी, पुत्र का नाम नामित के रूप में देना चाहिए। किसानों को रसीद लेते समय अपना पता, रसीद जारी करने की तिथि, खरीद रसीद पर इफको का ब्रांड और खरीदे गए खाद के बोरी की संख्या का उल्लेख जरूर सुनिश्चित कराना चाहिए।

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