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राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस आज:घर से दूर, अकेलापन और कोरोना के खौफ के बीच नाव की यात्रा कर लोगों को लगाया टीका, कोरोना को हराकर मिल रहा सुकून

मधेपुरा8 महीने पहले
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चाैसा के बाढ़ग्रस्त माेरसंडा में नाव से टीका लगाने जातीं एएनएम। फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
चाैसा के बाढ़ग्रस्त माेरसंडा में नाव से टीका लगाने जातीं एएनएम। फाइल फोटो।
  • कोरोना के दौरान जिले की कई एएनएम ने मुश्किल हालातों का किया सामना
  • मिशन टीकाकरण लक्ष्य को हासिल करने में एएनएम का बड़ा योगदान

घर से दूर, अकेलापन, कोरोना का खौफ, नाव की यात्राएं और शुरुआती दौर में कोरोना टीका के प्रति लोगों की बेपरवाही। इन सबके बावजूद जिले के दियारा क्षेत्र की कई एएनएम ऐसी जिन्होंने चुनौतियों का सामना किया और अपने मिशन में कामयाब रहीं। चौसा सीएचसी से जुड़ीं ऐसी ही एक एएनएम अल्पना हैं। मुंगेर की रहने वाली अल्पना, मधेपुरा जिले के सबसे सुदूरवर्ती दियारा इलाका मोरसंडा की एएनएम हैं। इस इलाके में हर साल बाढ़ आता है। मिशन टीकाकरण सामने था और उनके इलाके में बाढ़ का पानी फैल गया था। सामान्य दिनों में तो किसी तरह से आवागमन हो ही जाता है, पर बाढ़ के दौरान नाव ही वाहन होता है।

नाव की यात्रा से डर भी लगता था : अल्पना
अल्पना कहती हैं कि नाव की यात्रा से डर भी लगता था। एक-दो बार तो बीच नदी में पंपसेट वाली नाव बंद हो गई। लगा, अब क्या होगा। लेकिन हर दो-तीन दिन पर लगातार बाढ़ग्रस्त इलाके में नाव से जाते रहने से डर दूर हो गया। लेकिन असली परीक्षा तो लोगों को टीका लगाना था। शुरुआत में कई बार लोगों की झिड़क के साथ-साथ गालियां भी सुनी। अल्पना कहती हैं कि लेकिन साथ में रहने वाले सर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से औसतन प्रतिदिन 200 लोगों को टीका लगाती रहीं। अल्पना की माने तो वह तीसरे चरण में कोरोना पॉजिटिव हुई। इससे पूर्व लगातार काम करती रहीं। गांव के गरीब लोगों की स्वास्थ्य सेवा करने में सुकून मिलता है।

सहयोग से कोरोना के विरुद्ध जीते जंग
महिला दिवस पर सम्मानित कुमारखंड की कोड़लाही एसएससी की एएनएम रजनी कुमारी कहती हैं कि सभी लोगों के सहयोग से ही किसी भी मिशन को पूरा किया जा सकता है। इन्होंने भी अपने स्वास्थ्य विभाग के सहकर्मी, आशा कार्यकर्ता, समाज के गणमान्य लोगों के माध्यम से गांव के लोग के बीच जागरुकता अभियान चलाकर टीकाकरण कार्य को सफल तरीके से अंजाम दिया। कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मी ने युद्ध स्तर पर कोविड टीकाकरण कार्यक्रम को सफल कर कोरोना के खिलाफ जारी जंग में सफलता प्राप्त किया।

प्रतिदिन 200 लोगों को लगाती थीं काेरोनारोधी टीका
प्रखंड के रानीपट्टी एचएससी में पदस्थापित एएनएम प्रियंका कुमारी कोरोना काल में डरते हुए भी लोगों की जिंदगी को काल के मुंह से बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर ड्यूटी पर मुस्तैद रहीं। कोरोना काल में गांव-गांव में आशा कार्यकर्ता के माध्यम से और स्वयं भी लोगों को कोविड टीकाकरण कराने के लिए जागरूक कर प्रतिदिन औसतन 200-300 लोग काे टीका लगाया। वर्ष 2019 में योगदान के बाद प्रियंका की पोस्टिंग रानीपट्टी एचएससी में हो गई। शुरू में टीकाकरण के दौरान परेशानी हुई। परंतु धीरे-धीरे कारवां बनता गया और टीकाकरण की गति तेज हो गई। यही कारण रहा कि बेहतर कार्य के लिए उन्हें महिला दिवस पर सीएचसी स्तर पर सम्मानित किया गया।

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