प्रत्याशी को भैंस की सवारी पड़ी भारी:मधेपुरा में नामांकन के लिए भैंस पर सवार होकर गए मुखिया प्रत्याशी, अफसर ने FIR दर्ज करवा दी

मधेपुरा2 महीने पहले
नामांकन के लिए भैंस पर सवार होकर गए मुखिया प्रत्याशी अशोक कुमार।

मधेपुरा में एक मुखिया प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल करने के लिए भैंस पर सवार होकर पहुंचे। जिले में पंचायत चुनाव के छठे चरण के लिए कुमारखंड में नामांकन चल रहा था। कई प्रत्याशी महंगी-महंगी गाड़ियों से सैकड़ों समर्थकों के साथ पर्चा दाखिल करने पहुंचे। एक प्रत्याशी भैंस पर नॉमिनेशन करने चला आया। अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश पर प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी ने प्रत्याशी पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कुमारखंड थाने में मामला दर्ज कराया है।

ये है पूरा मामला?
6 अक्टूबर को कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत इसराइन बेला पंचायत से मुखिया प्रत्याशी अशोक कुमार मेहता भैंस पर सवार होकर अपने समर्थकों के साथ प्रखंड निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। उनका भैंस पर सवार होना आकर्षण का केंद्र बन गया। मीडिया ने भी इस खबर को प्रमुखता से चलाया जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार ने खबर पर संज्ञान लेते हुए उन पर पशु क्रूरता अधिनियम -1960 की धारा 11 के तहत FIR करने का आदेश दिया।

क्या हैं कानून
पशु क्रूमरता निवारण अधिनियम (पीसीए), 1960 को इस उद्देश्य से बनाया गया कि जानवरों को अनावश्यक कष्ट से न गुजरना पड़े। इसकी धारा 11 स्पष्ट करती है कि परिवहन के दौरान किसी भी जानवर को नुकसान पहुंचाना एक अपराध है। इस अधिनियम के तहत खचाखच भरे वाहनों में मवेशियों को बांधना भी गैरकानूनी है। और तो और, किसी भी हानिकारक चीज का इंजेक्शन देना और जहरीला खाना परोसना भी गैरकानूनी है। इस धारा के तहत ऐसा काम करने वाले को 100 रुपए या इससे ज्यादा के अर्थदंड से लेकर तीन महीने की कारावास का प्रावधान है।

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