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भास्कर की खबर से जागे DM:देर रात मधेपुरा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे DM; 4 डॉक्टरों में से 2 ही मिले, 2 ऑन कॉल बुलाए गए

मधेपुरा3 महीने पहले
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JNKTMCH में नर्सों से फीडबैक लेते DM श्याम बिहारी मीणा। - Dainik Bhaskar
JNKTMCH में नर्सों से फीडबैक लेते DM श्याम बिहारी मीणा।

मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर लगाए गए कई डॉक्टरों के संक्रमित होने के कारण अनुपस्थित रहने की दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद DM श्याम बिहारी मीणा ने बुधवार रात मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कोविड वार्ड में जाकर लगभग एक घंटे तक ड्यूटी पर रहे डॉक्टर, नर्स और मरीजों से वन टू वन और ग्रुप में टॉक कर स्थिति का जायजा लिया। बाद में DM ने बताया कि व्यवस्था में जो कुछ कमियां थीं, उन्हें दूर करने को कहा गया है, ताकि मरीजों को और अधिक सुविधाएं मिल सके। DM ने बताया कि उनके निरीक्षण के दौरान रोस्टर ड्यूटी के अनुसार 4 डॉक्टरों में दो मौजूद पाए गए। जबकि, दो डॉक्टर ऑन कॉल पर तुरंत आ गए। DM ने बताया कि मरीजों ने भी संतुष्टि व्यक्त की। साथ ही बताया कि डॉक्टर को टाइम टू टाइम विजिट करते ही हैं। यहां की नर्सें काफी मेहनत कर रही हैं। अन्य सपोर्टिंग स्टाफ भी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि सच्चे मायने में कोरोना मरीजों की सेवा और इलाज में लगे लोग ही कोरोना वारियर्स हैं, इनका मनोबल ऊंचा रखने की जरूरत है, ताकि वे ज्यादा से ज्यादा मरीजों का इलाज कर सकें।

अब मरीज के अटेंडेंट पर बरती जाएगी सख्ती

मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना मरीज के साथ रहने वाले परिजन अब हमेशा उनके साथ नहीं रह पाएंगे। दरअसल, निरीक्षण के दौरान DM ने पाया कि वार्ड के कई मरीजों के कई परिजन थे। लगातार वार्ड में रहने के कारण उन्हें भी संक्रमण हो सकता है, इससे परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में गार्ड को निर्देश गया कि बहुत जरूरत होने पर ही मरीज के पास उनके परिजन को जाने दिया जाए। वह भी उस स्थिति में जबकि परिजन एहतियात के रूप में मास्क आदि पहने हुए हों। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों की सेवा के लिए उनके परिजन भी यहां रहते हैं। ताकि उनकी हर जरूरत को समय पर पूरा कराने के लिए वे नर्स व अन्य सपोर्टिंग स्टाफ को बुलवा सकें।

जरूरतमंद के लिए छोड़ें ऑक्सीजन

निरीक्षण के दौरान DM ने पाया कि कई मरीज, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं रहती है, वे आशंका में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना चाहते हैं। इससे ऑक्सीजन की बर्बादी भी होती है। इस स्थिति को देखते हुए DM श्याम बिहारी मीणा ने निर्देश दिया कि ऐसे मरीजों और उनके परिजनों की गहन काउंसिलिंग की जाए, ताकि दूसरे जरूरतमंद मरीजों के लिए ऑक्सीजन का स्टॉक बना रहे।

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(मधेपुरा से मनीष वत्स)