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पंचायत चुनाव:नामांकन शुरू होते ही जीत की रणनीति पर कर रहे मंथन

मधेपुरा7 दिन पहले
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  • जांच के दौरान सही पाए जाने पर होगी कार्रवाई : मनोहर साहू
  • विभिन्न पदों के लिए पर्चा दाखिल कर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे

जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की शुरुआत दूसरे चरण में सदर प्रखंड से हो रही है। आज नामांकन की अंतिम तिथि है। सदर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पदों के लिए पर्चा दाखिल कर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरने का फैसला कर लिए हैं। उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों द्वारा जीत की रणनीति तैयार की जा रही है। प्रत्याशियों के सलाहकारों द्वारा बनाई जा रही रणनीति में डमी प्रत्याशियों को उतार कर प्रतिद्वंद्वियों को मात देने की याेजना भी बनाई जा रही है। इसके लिए वैसे लोगों की तलाश की जा रही है जिनकी जाति की संख्या तो अधिक है किंतु उस जाति से कम उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं। प्रत्याशियों का मानना है कि डमी प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में मोहरा बनाकर अगर वे चुनाव लड़ते हैं तो उक्त जाति का वोट बंटेगा और उसका लाभ असली प्रत्याशी को मिलेगा। सूत्रों की माने तो चुनाव में बतौर प्रत्याशी अपनी उपस्थिति दिखाने वाले डमी उम्मीदवार का दर कमोबेश तय है। नामांकन पत्र दाखिल करने, प्रचार-प्रसार के लिए पर्चा तथा पोस्टर छपाने के लिए खर्चा देने तथा डमी प्रत्याशी को कुर्ता, पायजामा, चप्पल, गमछी तथा अन्य आवश्यक आभूषण खरीदने तक का पैसा असली प्रत्याशी द्वारा दिया जाता है। इसके साथ की समर्थकाें काे चाय-पान तथा नाश्ता खिलाने के लिए भी अलग से रुपए दिए जाते हैं।इस तरह देखा जाय तो एक डमी प्रत्याशी खड़ा करने में 20-25 हजार रुपए का खर्च आता है। इस संबंध में जिला पंचायतीराज पदाधिकारी मनोहर साहू ने कहा कि डमी प्रत्याशियों की पहचानना मुश्किल होती है। हां अगर चुनाव प्रचार के दौरान कहीं डमी प्रत्याशी के पास से किसी अन्य प्रत्याशी का पर्चा तथा पोस्टर बरामद होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की नजर इस पर रहेगी तथा ऐसे प्रत्याशियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

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