विरोध-प्रदर्शन / 20 लाख करोड़ के पैकेज के नाम पर केंद्र ने अर्थव्यवस्था को सौंप दिया पूंजीपतियों को : रामचंद्र

Center handed over the economy to the capitalists in the name of 20 lakh crore package: Ramchandra
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Center handed over the economy to the capitalists in the name of 20 lakh crore package: Ramchandra

  • श्रम कानून में संशोधन और मजदूरों की दुर्दशा के खिलाफ एटक का प्रदर्शन

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

मधेपुरा. श्रम कानून में संशोधन एवं मजदूरों की दुर्दशा के खिलाफ केंद्रीय श्रम संगठन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विभिन्न श्रम संगठनों ने शुक्रवार को भाकपा जिला कार्यालय के समक्ष विरोध- प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व एटक के जिला संयोजक महेंद्र नारायण सिंह व सहायक संयोजक दिलीप पटेल एवं वरीय नेता मोहम्मद जमील संयुक्त रूप से कर रहे थे।

इस अवसर पर आंदोलन को समर्थन कर रहे भाकपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि श्रम कानूनों में संशोधन मजदूरों के मूल अधिकार पर हमला है।  केंद्र सरकार की नाकामी एवं गलत आर्थिक नीतियों एवं कोरोना महामारी में देश पूरी तरह से बर्बाद होने की स्थिति में आ गया है। भाकपा नेता ने कहा कि सरकार जनता के लिए सामाजिक, आर्थिक एवं सुरक्षा का अधिकार बहाल करे। ऐसा नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में लोग भुखमरी का शिकार हो गए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि समाज और देश के निर्माता मजदूरों की अनदेखी पर सरकार को गंभीर परिणाम भुगतना होगा। जिला संयोजक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मजदूरों की छंटनी एवं वेतन कटौती इस सरकार को महंगी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों को समाप्त और निरस्त करने तथा काम के घंटे बढ़ाने का फैसला अमानवीय है। मौके पर भाकपा जिला मंत्री विद्याधर मुखिया, मोहम्मद चांद, राजेंद्र यादव, मनोज कुमार, पंकज यादव, राजीव कुमार, प्रदीप साह, जयप्रकाश कुमार, टुनटुन कुमार, गुड्डू आलम व पंकज कुमार रजक सहित अन्य शामिल थे।

केंद्रीय ट्रेड यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सीटू सहित सभी ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मधेपुरा स्थित गौशाला से विरोध मार्च निकालते हुए कर्पूरी चौक तक गए। विरोध मार्च का नेतृत्व के जिला संयोजक का. रामचंद्र दास ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज के नाम पर मोदी सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह विदेशी पूंजीपतियों और कॉरपोरेट को सौंप दिया है।

जो कि पिछले 6 साल से जारी नीतियों का ही और अधिक क्रूर क्रियान्वयन है। यह पैकेज 50 करोड़ असंगठित मजदूर खासकर बेबस प्रवासी मजदूरों, सबसे निचले स्तर पर काम कर रहे खेतिहर मजदूरों को शिकार होना होगा। मौके पर सीताराम रजक, शंभूशरण भारती, प्रमिला देवी, बेचन मंडल, संयोजक मंडल शिव मंडल, सावित्री देवी व रमेश राज सहित अन्य भी थे। 

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