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सियासत:मुख्य पार्षद पर अविश्वास प्रस्ताव लगाने के बाद गरमाई नगर परिषद की राजनीति

मधेपुरा3 दिन पहले
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कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देते पार्षद। - Dainik Bhaskar
कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देते पार्षद।
  • नप के 26 में से 24 वार्ड पार्षदों ने मंगलवार को लगाया अविश्वास प्रस्ताव
  • नगर पालिका अधिनियम की धारा-25 के तहत बैठक बुलाने को ले दिया आवेदन
  • लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहने समेत मनमानी व धांधली बरतने का लगाया है आरोप

मधेपुरा नगर परिषद के 26 में से 20 वार्ड पार्षदों ने एक बार फिर मुख्य पार्षद सुधा कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इसके साथ ही नगर परिषद की राजनीतक सरगर्मी फिर से बढ़ गई है। विपक्षी खेमे के पार्षदों का कहना है कि मुख्य पार्षद सुधा कुमारी का पिछले दो वर्ष का कार्यकाल विकास विरोधी, तानाशाही एवं भ्रष्टाचार काे बढ़ावा देने वाला रहा है। मामले को लेकर उन लोगों ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन िदया है। इसके साथ ही डीएम श्याम बिहारी मीणा को भी मामले से अवगत कराया है। विरोधी पार्षदों का कहना है कि इनके मनमाने रवैए का अंदाजा इसी बात से लगाय जा सकता है कि लगातार बैठक ही नहीं हो पा रही है। जबकि बिहार नगर पालिका अधिनियम की धारा-48 के अनुसार प्रत्येक माह कम से कम एक बैठक हाेनी ही चाहिए थी। वार्ड-15 की वार्ड पार्षद सुप्रिया कुमारी का कहना है कि मुख्य पार्षद विकास विरोधी हैं। विगत दो बैठक से भी अनुपस्थित रही हैं, जबकि वे दोनों बैठक अतिमहत्वपूर्ण थी। वार्ड पार्षद निर्मला देवी कहती हैं कि जब हमलोग बैठक बुलाने के लिए कहते हैं तो मुख्य पार्षद कहती हैं कि उन्हें पीलिया हो गई है। डॉक्टर ने उन्हें आराम की सलाह दी है। इनका कहना है कि मुख्य पार्षद की मनमानी के कारण ही चुनिंदा संवेदकों को काम मिल रहा है। नगर के लोग जल-जमाव, गंदगी और अंधेरे से परेशान हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लाभुक दर-दर की ठाकर खा रहे हैं। लेकिन मुख्य पार्षद संवेदनहीन बने हुए है। वार्ड- 24 के पार्षद अशोक कुमार यादव ने कहा कि मधेपुरा नगर परिषद पर भ्रष्टाचार हावी है। इसमें मुख्य पार्षद की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। नगर परिषद की राजनीति शाम-दाम-दंड-भेद से भरी हुई है। वर्ष 2019 में भी 26 में से 15 पार्षदों ने मुख्य पार्षद के खिलाफ अविश्वास लगाया था, लेकिन मुख्य पार्षद अपनी कुर्सी बचाने में सफल रही थीं। उपमुख्य पार्षद मनीष कुमार मिंटू का कहना है कि नगर परिषद का टेंडर घोटाला, सफाई के नाम पर लाखों रुपए की निकासी, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के लूट इसके उदाहरण हैं। इसके साथ ही साथ इस कोरोना महामारी के संकट में मुख्य पार्षद के द्वारा मधेपुरा नगरवासियों का किसी प्रकार का समुचित सुविधा एवं किसी प्रकार की राहत के नाम पर न तो मास्क, साबुन, सैनिटाइजर वितरित किया गया। जिससे नगर परिषद की जनता हर स्तर पर परेशान है। लेकिन समस्या के समाधान के लिए मुख्य पार्षद कोई ठोस निर्णय लेने में असफल हैं। इस हालत में अब सदन का विश्वास मुख्य पार्षद सुधा कुमारी पर नहीं रह गया है।

24 पार्षदों के साथ होने का दावा
विपक्षी खेमे का कहना है कि वे लोग एक साथ 24 पार्षद हैं। दावा किया जा रहा है कि 20 पार्षदों का आवेदन पर हस्ताक्षर है। एक उपाध्यक्ष हो गए। इसके अलावा तीन पार्षद ऐसे हैं, जिन्होंने हस्ताक्षर तो नहीं किया है, लेकिन वे भी मुख्य पार्षद के खिलाफ ही बैठक में मतदान करेंगे।
आवेदन किया जा रहा है अग्रसारित
पार्षदों ने मुख्य पार्षद पर अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया है। इस पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाने को लेकर आवेदन को अग्रसारित किया जा रहा है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजय कुमार, ईओ, नगर परिषद

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