मधेपुरा में चौथे चरण की मतगणना:सिंहेश्वर और शंकरपुर के 21 पंचायतों में मतगणना, जिला परिषद चेयरमैन की पुत्र वधु 5690 वोटों से जीतीं

मधेपुरा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मतगणना केंद्र के बाहर लगी लोगों की भीड़। - Dainik Bhaskar
मतगणना केंद्र के बाहर लगी लोगों की भीड़।

मधेपुरा जिले के शंकरपुर व सिंहेश्वर प्रखंड में हुई 566 पदों पर चुनाव प्रक्रिया के बाद आज जिला मुख्यालय स्थित टीपी कॉलेज परिसर में मतगणना जारी है। शंकरपुर के छह पंचायत की गिनती में चार मुखिया हारे, दो को दोबारा मौका मिला। मतगणना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया गया है। दोनों प्रखंडों के 566 पदों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। मतगणना को लेकर सभी उमीदवार के एजेंट मतगणना केंद्र में प्रवेश कर रहे हैं।

इस दौरान जहां सिंहेश्वर प्रखंड के बैहरी में मुखिया पद से दो चचेरे भाई आमने-सामने हैं, वहीं भवानीपुर से दो बार के लगातार मुखिया प्रमोद मिश्र की प्रतिष्ठा दांव पर है। जबकि जिला परिषद से निवर्तमान जिप अध्यक्ष मंजू देवी की नव पुत्रवधु मुरलीगंज के नगर पंचायत के मुख्य पार्षद श्वेत कमल उर्फ बौआ यादव की पत्नी रूपम राय की राजनीति में पहली इंट्री हो गई है। रूपम राय ने जिला परिषद क्षेत्र संख्या 2 से 5690 वोटों से जीत हासिल की।

रूपम राय ने 5690 वोटों से जीत हासिल की। (फाइल फोटो)
रूपम राय ने 5690 वोटों से जीत हासिल की। (फाइल फोटो)

मधेपुरा जिला में अब तक तीन ब्लॉक का परिणाम आया है। इसमें 34 पंचायतों में मात्र 4 निवर्तमान मुखिया ही जीत पाए हैं। ऐसे में सभी निवर्तमान मुखिया की सांस अटकी हुई है। डीपीआरओ मनोहर कुमार साहू ने बताया कि पंचायतवार मतों की गिनती होगी। इसके लिए 14-14 टेबल लगाए गए हैं। एक पंचायत की गिनती समाप्त होने के बाद दूसरे पंचायत के मतों की गिनती होगी।

हारे प्रत्याशी के समर्थकों ने NH जामकर की आगजनी।
हारे प्रत्याशी के समर्थकों ने NH जामकर की आगजनी।

इधर, सिंहेश्वर प्रखंड के जजहट सबैला पंचायत से दोबारा चांदनी खातून की जीत से हारे हुए प्रत्याशी के समर्थक नाराज हो गए। उन लोगों ने एनएच 106 पर पथराहा में रोड जाम कर आगजनी की। बाद में भारी संख्या में पुलिस बल को बुलाना पड़ा। पराजित प्रत्याशी के समर्थकों का कहना था कि मतदान से लेकर मतगणना तक में एक खास प्रत्याशी को सभी पदाधिकारियों ने विशेष मदद की थी। मतदान के दौरान भी लगातार फोन करने के बावजूद स्थानीय स्तर के पदाधिकारी उस पंचायत के तनाव वाले बूथों पर देखने नहीं जा रहे थे।

खबरें और भी हैं...