पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

पुस्तक समीक्षा:कठिन समय में उम्मीदों का कोलाज है पृथ्वी का प्रेमकाल

मधेपुरा4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कवि अरविंद श्रीवास्तव रचित पुस्तक।
  • आज पूरी दुनिया विस्तारवाद व खून खराबे की अनिवार्यता से घबराई हुई है : प्रो. मणिभूषण

एक कवि की रचनाशीलता में अंधेरे से लड़ने की अदृश्य धार, तेवर व रोशनी होती है। समय कितना भी विषम हो, कविता अपना काम करती है। जब दुनिया प्रतिकूल नैसर्गिक आपदा का दंश झेलने को विवश हो, ऐसे में उम्मीद की हल्की सी किरण चतुर्दिक कौतूहल का विषय बन जाती है। कविता में अपनी समकालीन लेखन व तेवर से चर्चित कवि अरविंद श्रीवास्तव की हालिया प्रकाशित संग्रह यह पृथ्वी का प्रेमकाल, समय व हालात की विषमता के विरुद्ध एक जबरदस्त हस्तक्षेप है। समीक्षक प्रो. मणिभूषण वर्मा कहते हैं कि इस संग्रह की पहली कविता अभी-अभी की मात्र चार पंक्तियों पर गौर फरमाया जाए- अभी-अभी गाजा पर हुई है बमबारी/ कंधार पर ड्रोन हमला/ खून से लथपथ है यह धरा/ और अभी-अभी एनीमिया से पीड़ित मां ने/ तोड़ा है दम अस्पताल में इन पंक्तियों में वेदना व दर्द ने वैश्विक सोच पर जाेररदार प्रहार किया है। वे कहते हैं कि आज मध्यपूर्व ही नहीं, पूरी दुनिया विस्तारवाद व खून खराबे की अनिवार्यता से घबराई हुई है। ऐसे में कवि अरविन्द की ये पंक्तियां साम्राज्यवाद से मुठभेड़ करते हुए दिखती है।

कोरोना से उपजे नाउम्मीदी के विरुद्ध संघर्ष भी है
प्रो. मणिभूषण वर्मा कहते हैं कि यह पृथ्वी का प्रेमकाल कोरोना काल से उपजे नाउम्मीदी के विरुद्ध एक संघर्ष है। जिसमें आज की परिस्थितियों को बड़ी सूक्ष्मता से उकेरा गया है। इस संग्रह को बोधि प्रकाशन ने प्रकाशित किया है, जबकि आवरण कुंवर रवींद्र ने दिया है। प्रो. वर्मा कहते हैं कि अपनी कविताओं में कवि अरविंद ने हमारे आस-पास बिखरी हुई चीजों पर बड़ी बारीक नजर रखा है। रोजमर्रे में उपयोगी चीजों को कवि ने जिस अंदाज में परोसा है, इस यथार्थ से इंकार नहीं किया जा सकता। संग्रह में सम्मिलित अधिकांश कविताएं प्रेम के आस-पास चक्कर काटती दिखती है, शब्द व बिंब आंखों पर चढ़े धूल की परत को झाड़ते हुए दिखते हैं। दीगर यह भी कि अगली कविता में कवि इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि हमें अपने प्रेम की शुरुआत पत्थरों से ही करनी चाहिए थी। वे कहते हैं कि मेरे लहू में तुम्हारा प्रेम घुमड़ रहा है, हुक्मरानों की मुस्तैदी के बावजूद। कवि ने कोसी की त्रासद को ग्लोबल पटल पर रखा है। लघु कविताओं निचोड़ यह कि तुम्हारा कलेजा पसीजते ही, देखना एक दिन, मैं कवि बन जाऊंगा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आप सभी कार्यों को बेहतरीन तरीके से पूरा करने में सक्षम रहेंगे। आप की दबी हुई कोई प्रतिभा लोगों के समक्ष उजागर होगी। जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी। घर की सुख-स...

और पढ़ें