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लापरवाही:बुधामा और बैजनाथपुर में 60 दिन बाद भी नहीं मिल रहा नल का जल

नयानगर4 दिन पहले
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बुधामा में सड़क के किनारे पड़ी जलापूर्ति की पाइप। - Dainik Bhaskar
बुधामा में सड़क के किनारे पड़ी जलापूर्ति की पाइप।
  • अतिक्रमित रोड के किनारे जमीन के अभाव में बाधित है पाइप लाइन का कार्य

उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत आलमनगर-बुधामा मुख्य सड़क के किनारे क्षतिग्रस्त पाइप लाइन उखाड़ने के बाद बुधामा, बैजनाथपुर गांव वालों के बीच पुनः जलापूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। उन्हें हर घर नल का जल योजना से अब तक शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। ज्ञात हो कि उक्त सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण कार्य अब भी प्रगति पर है। पूर्व में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान किनारे जमीन के नीचे दबी जलापूर्ति पाइप कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। जिसे बाद में जेसीबी की मदद से बाहर निकालकर सड़क के किनारे दोनों ओर छोड़ दिया गया है। जुलाई माह की शुरुआत में ही एसडीएम राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने स्वयं स्थल निरीक्षण कर मामले की गहन पड़ताल की है। उन्होंने संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देशित भी किया था। इसके बाद जल्द जलापूर्ति बहाल किए जाने को लेकर वहां के लोगों को आश्वासन भी दिया था। एसडीएम के आश्वासन के 60 दिन बीतने के बावजूद भी विभागीय उदासीनता के कारण जलापूर्ति पुनः बहाल नहीं की जा सकी है। अधिकारियों का मानना है कि अतिक्रमित सड़क किनारे जमीन के अभाव में पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य पूर्ण रूप से बाधित है। स्थानीय लोगों की माने तो विभागीय स्तर पर आपसी समन्वय न होने के कारण पाइप शिफ्टिंग कार्य अधर में पड़ा है। वहीं लोगों को आयरनयुक्त पानी पीना पड़ता है। अधिकांश बच्चे प्रतिदिन जलजनित बीमारियों के शिकार होते हैं। पानी में अधिकांश लौह अणुओं की उपस्थिति मानव शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। पिछले दिनों पीएचईडी ने जलापूर्ति योजनाओं की विभागीय स्तर पर जांच कराई थी। इसके बाद पांच कार्य एजेंसी को नोटिस भी किया। जिससे इस बात का खुलासा हुआ कि नल का जल योजना में बड़े पैमाने पर अब भी खामियां हैं। जिसमें कहीं पर सोख्ता का निर्माण नहीं हुआ है, तो कहीं पर स्टेबलाइजर नहीं लगाया गया है। तो कई जगहों पर स्टैंड पोस्ट टूटे हुए हैं। इन सब कारणों से अब भी जिले के हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत नल का जल महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है।

छोटी-छोटी गड़बड़ियों को भी नहीं किया जाता है दुरुस्त
नल का जल योजना में अक्सर देखा गया है कि प्लांट लगाए जाने के बाद रख-रखाव को लेकर विभाग और संवेदक के लोग संजीदा नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश जगहों पर सड़क किनारे मामूली गड्‌ढा खोदकर जलापूर्ति पाइप को बिछा दिया गया है। इस कारण से पाइप भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र में भी कई जगहों पर देखा गया है कि प्लास्टिक वाली जलापूर्ति पाइप सड़क के ऊपर निकल आई है।

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