खुशखबरी:मधेपुरा में बनी फिल्म की बर्लिन में 19 अक्टूबर को होगी स्क्रिनिंग

मधेपुराएक वर्ष पहले
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फिल्म के पोस्टर के साथ साहित्यकार अरविंद श्रीवास्तव। - Dainik Bhaskar
फिल्म के पोस्टर के साथ साहित्यकार अरविंद श्रीवास्तव।
  • 65 मिनट की बनी फिल्म है- द साउंड ऑफ फ्रेंडशिप : वार्म वेवलेंथ इन ए कोल्ड, कोल्ड वॉर

जर्मन जनवादी गणतंत्र और रेडियो बर्लिन इंटरनेशनल के साथ साहित्यकार अरविंद श्रीवास्तव के रिश्तों पर बनी फिल्म द साउंड ऑफ फ्रेंडशिप : वार्म वेवलेंथ इन ए कोल्ड, कोल्ड वॉर की स्क्रिनिंग 19 अक्टूबर को होने जा रहा है। इसका स्क्रिनिंग उसी स्थल स्टूडियो-2, फन खौस, नालेपास्ट्राज, बर्लिन पर निर्धारित है, जहां से रेडियो बर्लिन इंटरनेशनल ने अपना प्रसारण प्रारम्भ किया था। इसका आयोजन बर्लिन की चर्चित व प्रतिष्ठित संस्था सेंटर फॉर मॉडर्न ओरिएंटल स्ट्डीज द्वारा निर्धारित है। 65 मिनट की इस फिल्म के पश्चात 40 मिनट की बातचीत-स्क्रिनिंग है। फिल्म के निर्माता निर्देशक आनंदिता बाजपेयी और संपादन व कैमरा डैनियल गजमेगा, सिनेमाटोग्राफी व कथा ज्योतिदास केलम्बथ वाडाकिना, गीत संगीत- नितिन सिन्हा एवं रियाज उल हक का है। फिल्म से स्क्रिनिंग से उत्साहित अरविंद श्रीवास्तव कहते हैं कि यह फिल्म इस अर्थ में भी ऐतिहासिक है कि भारत और जर्मन जनवादी गणतंत्र व रेडियो बर्लिन इंटरनेशनल के साथ ‘मधेपुरा’ जैसे कस्बाई शहर का संबंध, जब संचार के माध्यम सीमित थे, इंटरनेट का नामोनिशान नहीं था, पत्र के माध्यम से दुनिया जुड़ी थी और डाकघर अपने अहम भूमिका में थी। एक राष्ट्र से दूसरे राष्ट्र संवाद का संचार अनवरत जारी रहे। इसके लिए हमारी सक्रियता व तत्परता ही हमारे मूल में रही।

कुटीर परिसर में हुई थी शुटिंग
जुनून की वजह से मिली फिल्म में केंद्रीय भूमिका निभाने की खुशी अरविंद श्रीवास्तव कहते हैं कि मेरे लिए यह गौरवपूर्ण क्षण होगा, जब दो महान राष्ट्रों व रेडियो बर्लिन इंटरनेशनल से अपने संबंधों पर उन्हें भी बोलने का अवसर मिलेगा। उक्त फिल्म में केंद्रीय भूमिका निभाने की खुशी उनके जुनून की वजह से मिली है। वे कहते हैं कि उन्होंने हजार घंटे से ज्यादा रेडियो बर्लिन इंटरनेशनल के कार्यक्रमों को लिपिबद्ध कर और रेडियो बर्लिन को उनके कार्यक्रमों का रिशेप्शन रिपोर्ट प्रेषित कर उनके डीएक्स विभाग का एच-2000 का ऑनर पाया, जो दुनिया के गिने चुने डीएक्सरों को मिल पाया। मालूम हो कि विगत वर्ष फिल्म की महत्वपूर्ण शूटिंग मधेपुरा स्थित अरविंद श्रीवास्तव के आवास कला कुटीर परिसर में भी हुई थी। जबकि शेष जर्मनी में। इस वृत्तचित्र में रेडियो बर्लिन से जुड़े उद्घोषकों व पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फिल्म का बड़े महोत्सवों में जाने और ऊंचे मूल्यांकन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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