कोरोना का कहर:होम आइसोलेशन में रहे दो वृद्ध समेत चार की मौत, सर्वाधिक 239 नए संक्रमित मिले

मधेपुरा, चौसा6 महीने पहले
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चौसा में कोरोना से मौत के बाद मृतक के घर को सैनिटाइज करने जाते स्वास्थ्यकर्मी। - Dainik Bhaskar
चौसा में कोरोना से मौत के बाद मृतक के घर को सैनिटाइज करने जाते स्वास्थ्यकर्मी।
  • कोविड प्रोटोकॉल के तहत कराया गया मृतकों का दाह-संस्कार

जिले में एक महिला, एक वृद्ध और दो युवाओं की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। इसमें चौसा और ग्वालपाड़ा में होम आइसोलेशन में मौत हुई। जबकि गुरुवार की शाम को मेडिकल कॉलेज में लालपुर के एक युवक की मौत हो गई। इसके अलावा बुधवार की रात को सिंहेश्वर के गौरीपुर के एक युवक की सहरसा के एक निजी क्लीनिक में मौत हो गई। दूसरी ओर, गुरुवार को एक दिन में अबतक का सर्वाधिक 239 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए। चौसा में 68 और सदर क्षेत्र में 58 संक्रमित पाए गए। इस तरह से जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 2412 हो गई। इसमें एक्टिव मरीज 1729 हैं। जबकि होम आइसोलेशन में 1571 मरीज हैं। अबतक 638 लोग स्वस्थ हुए हैं। चौसा प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार को कोरोना से एक वृद्ध की मौत हो गई। जबकि गुरुवार को करीब 230 लोगों की कोरोना से जांच हुई। जिसमें 68 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इससे इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं कोरोना से चौसा पूर्वी पंचायत के गांधी चौक निवासी एक वृद्ध की मौत हो गई। वे 23 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि वृद्ध देवनारायण मिस्त्री की जांच रिपोर्ट 23 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी। इसी क्रम में 29 अप्रैल की सुबह में उन्हें अचानक से सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी। परिजन जबतक उन्हें अस्पताल लेकर आते, उनकी मौत हो गई। उनका दाह संस्कार करोना प्रोटोकॉल के तहत कराया गया। जबकि कर्मी को भेजकर उनके घर को सैनिटाइज कराया गया। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को चौसा सीएससी एवं प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग जगहों पर कैंप में अधिकांश लोगो का करोना का लक्षण को देखते हुए करीब 230 लोगों की जांच की गई। जिसमें 68 लोग संक्रमित पाए गए। उन्होंने बताया की अस्पताल परिसर में 100 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई, जिसमें 25 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाए गए। जबकि क्षेत्र में चलाए गए कोविड जांच कैंप में 130 लोगों में 43 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित पाए गए। वहीं लौआलगान पश्चिमी पंचायत के वार्ड एक से एक व्यक्ति तथा चौसा पश्चिमी पंचायत से एक व्यक्ति का आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आया है।

समाजसेवी की कोरोना से मौत
सिंहेश्वर |
गौरीपुर निवासी युवा समाजसेवी त्रिपुरारी सिंह का कोरोना से निधन हो गया। उनका निधन सहरसा के डाॅक्टर बृजेश कुमार सिंह की क्लीनिक में हुआ। उनके भांजे अमन कुमार ने बताया कि वे पटना में रहते थे। 24-25 अप्रैल को घर आए थे। जांच कराए तो पॉजिटिव पाए गए। घर पर ही आइसोलेट थे, लेकिन 27 अप्रैल को सांस लेने में परेशानी होने के बाद उन्हें सहरसा में भर्ती कराया गया। जहां उनका सिटी स्कैन कराया, तो फेफड़ा में संक्रमण बढ़ गया था। बुधवार की रात को उनकी मौत हो गई। इसके अलावा शाम को मेडिकल कॉलेज में लालपुर वार्ड नंबर-नौ के एक कोरोना मरीज अजित कुमार की मौत हो गई।

कोविड सेंटर नहीं गई महिला छठे दिन घर पर हो गई मौत
ग्वालपाड़ा |
ग्वालपाड़ा बाजार में होम आइसोलेशन में रह रही एक 65 वर्षीय मधुमेह और ब्लड प्रेशर से पीड़ित वृद्धा निर्मला देवी की कोरोना से मौत हो गई। पुष्टि बीडीओ शशिभूषण सुमन ने की। 22 अप्रैल को सीएचसी में जांच के दौरान ग्वालपाड़ा मुख्य बाजार के वार्ड संख्या-पांच में एक ही परिवार के तीन लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद सभी को उदाकिशुनगंज कोविड केयर सेंटर रेफर कर दिया गया। लेकिन परिवार के सदस्य वहां जाने के लिए तैयार नहीं हुए। सभी घर में ही आइसोलेट हो गए। मेडिकल टीम घर पर जाकर निरीक्षण भी की। परिजनों ने बताया कि बुधवार की रात को संक्रमित 60 वर्षीया महिला निर्मला देवी की हालत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उसके बाद ग्वालपाड़ा में एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। कुछ देर के बाद जैसे ही वहां एंबुलेंस घर के आसपास पहुंच कि परिजन का फोन आया कि महिला की मौत हो गई है। उपप्रमुख पंकज दास और बीडीओ शशिभूषण सुमन के प्रयास से शव का दाह-संस्कार कराया गया।

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