जन संकल्प से हारेगा कोरोना:संयम, दवा और मजबूत आत्मबल से 14 दिन में संक्रमितों ने कोरोना को दी मात

मधेपुरा6 महीने पहले
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  • कोरोना संक्रमण का लक्षण सर्दी-खांसी, बुखार और बदन दर्द, इस दौरान अपने हौसले को बढ़ाकर रखें तो अासानी से उसे हरा पाएंगे, अगर आप डर गए तो मनोवैज्ञानिक तरीके से टूट जाएंगे, डॉक्टर के परामर्श पर दवा के साथ ही साथ काढ़ा का सेवन और सुबह शाम भाप और गार्गल करते रहें

मजबूत आत्मबल, संयम और सजगता से कोरोना को मात दे सकते हैं। मैं पूर्व से ही दमा की मरीज हूं। विदेश में रह रहा पुत्र यहां एक आयोजन में आया था। फिर वापस जाने का इंतजार कर रहा था। वह मेरे प्रति चिंतित भी था। सात-आठ फरवरी को हल्का बुखार सा लगा। उसने मुझे साथ लिया और फिर एंटीजन किट से जांच कराई। इसमें हमलोग कोरोना पॉजिटिव निकले तो फौरन अपने मोहल्ले के ही एक चिकित्सक के हॉस्पिटल गए और उन्हें सारी जानकारी दी। डॉक्टर ने हम-मां बेटे को दवा दी और सारे एहतियात बताए। हमलोग निर्धारित समय पर दवा लेते रहे, भाप और गार्गल करते रहे। एक विश्वास था कि धैर्यपूर्वक दवा खाएंगे तो ठीक होंगे ही। उक्त बातें शहर की 77 वर्षीय शारदा देवी ने कहीं। कहा कि 14वें दिन जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई।

इलाज और संयम तत्परता से निभाता हूं। इस बार जब कोरोना ने जोर पकड़ा तो सशंकित था और कम ही घर से निकलता था। लेकिन न जाने कैसे जांच में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। डायबिटिक होने के कारण भविष्य के प्रति चिंता अधिक थी। लेकिन अपने चिकित्सक डॉ. शृंगी शिवम से परामर्श लिया और फिर गंभीरतापूर्वक समय पर सारी दवा खाने लगा। चार-चार बार भाप और गार्गल करता था। काढ़ा और दूध में हल्दी पीता रहा। दवा भी लेता रहा। कमजोरी भी खूब लगती रही। लेकिन धैर्य के साथ समय व्यतीत करता रहा और आखिर पूरी तरह ठीक हो गया। इसके लिए मैं ईश्वर और अपने चिकित्सक को धन्यवाद देता हूं कि मैंने कोरोना को पछाड़ा। जिन्हें भी हल्का बुखार हो वे फौरन अपना जांच कराएं। समय पर जांच और इलाज ही इसे मात देने का फार्मूला है। उक्त अनुभव पेशे से अधिवक्ता उदय कुमार झा ने साक्षा किया जो कोरोना को मात दिए। वे शुगर के भी मरीज हैं लेकिन हिम्मत नहीं हारे।

कोरोना के विरुद्ध जंग जीत कर पूरी तरह आत्मविश्वास से लबरेज हूं। स्नोफीलिया की मरीज हूं। इस माह के शुरू में ही थोड़ी सर्दी और खांसी हुई तो फैमिली फिजीशियन से परामर्श ली। जांच हुई तो स्नोफीलिया बढ़ा था। लेकिन फिर हल्का बुखार भी था तो डॉक्टर के निर्देश पर कोरोना की जांच कराई, रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद बहुत भयभीत हुईं लेकिन धैर्य नहीं खोया और दवा को समय पर खाती रहीं। टीवी पर पॉजिटिव बातों को देखकर समय बिताया। बुखार भी तीसरे दिन से नहीं हुआ। चौदह दिन पूरे कर जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। उक्त बातें शिक्षिका नीलम देवी ने कही। जिन्होंने कोरोना को मात दी।

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