कार्यक्रम:वीरता व साहस से भरा है भारत का सैन्य इतिहास: डॉ. अशोक कुमार

मधेपुराएक महीने पहले
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कार्यक्रम का उद‌्घाटन करते प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार व अन्य। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम का उद‌्घाटन करते प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार व अन्य।
  • 1700 किमी की लंबी यात्रा पर निकले एनसीसी कैडेटों का दल पहुंचा , मधेपुरा कॉलेज में कैडेटों का दल ने किया रात्रि विश्राम

1971 के स्वर्णिम विजय वर्ष एवं आजादी के अमृत महोत्सव पर एनसीसी कैडेटों ने ‘ स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन विजय चक्र’नामक साइकिल यात्रा का निकाली है। यह यात्रा 22 नवंबर से पटना से शुरू हुई है जो एक महीने तक चलेगी। इसके तहत एनसीसी कैडेटों का दल मधेपुरा पहुंचा। मधेपुरा कॉलेज में कैडेटों के दल के लिए ठहरने की व्यवस्था की गई थी। भारतीय फौज की ऐतिहासिक स्वर्णिम विजय दिवस एवं आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर एनसीसी कैडेटों के द्वारा 1700 किलोमीटर का साईकिल यात्रा निकाली गई है। यात्रा में शामिल छात्र स्वर्णिम विजय दिवस तथा आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े तथ्यों को अपने प्रभाव क्षेत्र वाले इलाकों में बता रहे हैं। टीम में 30 बालक कैडेट्स, 20 बालिका कैडेट्स एवं एनसीसी के अधिकारी शामिल हैं। एनसीसी के जत्था को मधेपुरा कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार,17 बिहार बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल देवाशीष सिंह, कैप्टन गौतम कुमार सहित महाविद्यालय के कैडेट्स एवं शिक्षकों ने कैडेटों का स्वागत किया। साथ ही मधेपुरा कॉलेज के एनसीसी कैडेटों की ओर से कॉलेज में एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर 1972 के भारत पाकिस्तान युद्ध पर लघु नाटक का भी चित्रण किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि भारत का सैन्य इतिहास वीरता और साहस से भरा हुआ है। 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों के समक्ष पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। भारतीय फौज की ऐतिहासिक शौर्य गाथा स्वर्णिम विजय दिवस पर सभी को राष्ट्रसेवा के लिए संकल्प लेना होगा।

भारत विविधताओं की भूमि है: कर्नल देवाशीष सिंह
17 बिहार बटालियन के एनसीसी कमांडिंग ऑफिसर कर्नल देवाशीष सिंह ने कहा कि एनसीसी कैडेटों की महानता उनके अनुशासन और कुशल व्यवहार से झलकती है। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृतियों का मिश्रण है और इसे विविधताओं की भूमि भी कहा जाता है। इस वर्ष देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की जीत का 50 वां वर्षगांठ मना रहा है। कैप्टन गौतम कुमार ने कहा कि स्वर्णिम विजय वर्ष एवं आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित साइकिल यात्रा में शामिल एनसीसी कैडेट कुल 1700 किलोमीटर की यात्रा करेंगे। कैडेटों को दल मधेपुरा से सहरसा के लिए रवाना हो गया। साइकिल यात्रा लेकर चलने वाले कैडेट्स एक स्मृति स्तम्भ भी लेकर चल रहे हैं, जो स्वर्णिम विजय दिवस के 50 वर्ष पूरा होने पर पूरे 30 दिन की यात्रा के बाद 19 दिसंबर को पटना स्मृति स्तम्भ लेकर पहुंचेगा। इस अवसर पर नायक सूबेदार बधू प्रसाद, डॉ. सरवन कुमार सिंह, हवलदार रोहित भट्टराई, हवालदार डीके पासवान, सुमित कुमार, अभयानंद, सूबेदार ताशी, डॉ. भगवान मिश्रा, डॉ. रत्नाकर भारती, डॉ. शुहेल, प्रो. चंदेश्वरी प्रसाद, प्रो रंजू, बजरंगी, निकिता आदि ने किया।

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