बैठक:प्रवासी श्रमिकों के रोजगार में जीविका समूह साबित होगी मददगार : डीएम

मधेपुरा16 दिन पहले
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समीक्षा बैठक में मौजूद जीविका कर्मी। - Dainik Bhaskar
समीक्षा बैठक में मौजूद जीविका कर्मी।
  • डीएम ने की जीविका के कार्यों की समीक्षा, मसाला निर्माण, मुर्गी पालन आदि से जुड़ेंगे श्रमिक

कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिलाधिकारी श्याम बिहारी मीणा ने जीविका के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंेने कहा कि कोरोना काल में विभिन्न प्रदेशों से काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गृह जिला मधेपुरा पहुंचे हैं। अभी भी प्रवासी श्रमिकों का आना जारी है। उनके उत्थान के लिए रोजगार मुहैया कराने में जीविका समूह काफी मददगार साबित होगा। प्रवासी श्रमिकों को स्किल डेवलपमेंट के अंतर्गत सोलर प्रोडक्ट, मसाला निर्माण, मुर्गी पालन, अगरबत्ती, ब्रेड आदि जैसे निर्माण कार्यों से जोड़ें। कार्याें से संबंधित प्रवासी श्रमिकों को पूरी तरह से प्रशिक्षण भी दिलाएं। उन्होंने सभी बीपीएम को निर्देश दिया कि अपने-अपने प्रखंडों में नावाचार में एक नया कार्य का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजें। साथ ही अन्य राज्यों में चल रहे नए कार्याें से भी अवगत कराएं। जिससे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जा सके। उन्होंने जिला परियोजना प्रबंधक अनोज कुमार पोद्दार को निर्देश दिया कि अगरबत्ती, प्याज प्रोसेसिंग, तसर आदि जैसे छोटे उद्योगों का निर्माण हेतु पूरी प्लानिंग के साथ प्रस्ताव भेजें। मुख्यमंत्री परिवहन योजना के लाभ के लिए इच्छुक दीदियों को लाइसेंस निर्गत कराएं। उन्होंने कहा कि जीविका समूह में जो दीदी पढ़ी नहीं हैं, उन्हें साक्षर बनाया जाए। अंगूठा लगाने के बजाए हस्ताक्षर करें। उन्होंने कहा कि ग्राम संगठन से जुड़े छोटे तबके के किसानों को कृषि का लाभ दिया जा रहा है। पशुधन में मुर्गीपालन एवं बकरी पालन को बढ़ावा दी गई है। समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि एसएचजी के तहत जिस सदस्य का बैंक खाता नहीं खुला है, उसका बैंक खाता अविलंब खोला जाए। जीविका समूह से जुड़े सभी दीदियों का एनेमिक से संबंधित एवं क्रोनिक डिजीज की पहचान कर सूची तैयार करें तथा उसका सही इलाज कराएं। जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उनका कार्ड अविलंब बनाएं। जिले भर में जीविका दीदियों द्वारा शराबबंदी, दहेज प्रथा, बाल बिवाह, जल जीवन हरियाली आदि जैसे सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को विशेष रूप से फायदा पहुंचाया जाए। कोविड-19 से सुरक्षा हेतु घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। डीएम ने सभी बीपीएम को निर्देश दिया कि कोरोना से सुरक्षा हेतु मास्क लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करें एवं हाथ धोने की क्रिया को सिखाएं। जिला जीविका पर संतोष जताते हुए डीएम श्री मीणा ने कहा कि बचे हुए 2000 समूहों का बैंक खाता खोला जाए। साथ ही सभी जीविका दीदियों को किचन गार्डन अभियान से जोड़ा जाए। जिले भर में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर जीविका दीदियों के माध्यम से किचन गार्डन की शुरुआत कराएं। उन्होंने कहा कि ग्वालपाड़ा में आदिवासी समुदाय की दीदियों के माध्यम से आदिकाल के पेंटिंग को बढ़ावा दिया जाए।

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