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  • Mother Rushed To Father Locked In Hajat To Replace Pipe Of Cancer stricken Child; Police Said Do Not Pretend, Run Away From Here, The Child Died In The Police Station

दर्दनाक:हाजत में बंद पिता के पास कैंसर पीड़ित बच्चे का पाइप बदलवाने पहुंची मां; पुलिस ने कहा- नाटक नहीं करो, भागो यहां से, थाने में बच्चे की मौत

मधेपुरा12 दिन पहले
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मंगलवार को बालक के शव लेकर कलेक्ट्रेट से निकलते परिजन।
  • शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची मां, जांच का दिया आदेश
  • हर राेज बच्चे के गले में लगे पाइप को पिता ही बदलता था
  • शराब तस्करी के मामले में सोमवार की रात बच्चे के पिता को सिंहेश्वर पुलिस ने किया था गिरफ्तार

इसे सिंहेश्वर पुलिस की लापरवाही कहें या अपने बचाव का तर्क पर एक कैंसर पीड़ित बालक की मां कलेक्ट्रेट में चीख-चीख कर लोगों से कह रही थी कि पुलिस की हठधर्मिता के कारण उसके बच्चे की जान थाना परिसर में ही हो गई। बच्चे अश्विनी की मां सुशीला ने कहा कि हाजत में बंद पिता के पास कैंसर पीड़ित बच्चे की पाइप बदलवाने पहुंची ते पुलिस ने कहा-नाटक नहीं करो, भागो यहां से। इसी दौरान थाने मंे बच्चे की मौत हो गई। लगभग दो घंटे तक महिला अपने बच्चे का शव लेकर कलेक्ट्रेट में अधिकारियों से कह रही थी कि उसे इंसाफ चाहिए। बाद में एसपी की ओर से मुख्यालय डीएसपी अमरकांत चौबे और डीएम की ओर से एनडीसी राजीव रंजन वार्ता के लिए आए। दोनों पदाधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बैहरी पंचायत के डंडारी वार्ड-1 निवासी मुकेश मंडल पर शराब की तस्करी का एक केस पिछले दिनों उत्पाद विभाग ने थाने में दर्ज कराया था। इसी केस के आलोक में सोमवार की रात को सिंहेश्वर थाने के दारोगा रामेश्वर साफी के साथ गई पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार किया।

नेपाल के भरतपुर से चल रहा था इलाज
बच्चे का नेपाल के भरतपुर से चल रहा था। इसी क्रम में पिछले पांच माह से प्रतिदिन उसके गले में लगी पाइप बदलनी पड़ती थी। लेकिन यह काम घर पर उसके पिता ही करते थे। सोमवार की रात लगभग 12. 40 बजे पुलिस ने मुकेश को घर पर ही गिरफ्तार कर लिया। सुशीला का आरोप है कि गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उसे भी पैर से मारा। वह केस के अनुसंधानकर्ता का पैर पकड़ कर कहा कि पाइप बदलने दीजिए, लेकिन वे नहीं माने। बालक के फूफा अमरेश मंडल ने कहा कि इसके बाद 7 बजे सुबह में गाड़ी से वे लोग बालक को लेकर थाने पर आए। पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई कि मुकेश को थोड़ी देर के लिए हाजत से बाहर निकाल दीजिए लेकिन वे लोग नहीं माने। इसी क्रम में 10 सुबह में बच्चा थाने में ही मर गया। फिर सिंहेश्वर पीएचसी गए, वहां से भी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहां डॉक्टर ने बालक के मौत की पुष्टि की।

आरोप पूरी निराधार, थाने केे बाहर हुई बालक की मौत
महिला का आरोप निराधार है। सोमवार की रात को वे दूसरे जगह रेड पर थे। सुबह 10 बजे थाने पर आए। उनसे बालक के परिजनों ने पाइप बदलवाने की बात कही। हमने कहा कि डॉक्टर के पास जाएं। इसके बाद वे लोग चले गए।
रणवीर कुमार, थानाध्यक्ष

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