लापरवाही:गांव में लोगों को नहीं मिल रहा सात निश्चय नल का शुद्ध जल

घैलाढ़एक महीने पहले
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  • नल का जल योजना कागजों पर कर दी गई पूरी
  • एक वर्ष पूर्व बनाए जल मीनार बना हाथी का दांत

प्रखंड क्षेत्र के नो पंचायत में करीब एक वर्ष पूर्व बनाए गए जल मीनार अब हाथी का दांत साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना से हर घर नल का जल योजना प्रखंड क्षेत्र में विभागीय उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। फिलहाल तो लोग जलमीनार को देख ही संतोष कर रहे हैं। यहां मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल योजना कागजों पर पूरी कर दी गई है। ग्रामीणों को एक बूंद पानी नहीं मिल रहा है। जबकि प्रत्येक टोले और घर तक योजना का लाभ पहुंचे, इसके लिए सरकार ने वार्ड क्रियान्वयन समिति का गठन किया। वार्ड सदस्य के माध्यम से योजना का काम होना था, लेकिन अधिकांश जगहों पर कमीशन देकर वार्ड सदस्य को इससे अलग करके ही काम कराया गया। जबकि नल जल योजना पूर्ण होने का प्रतिवेदन कई माह पूर्व जिला को भेजा जा चुका है। इसके बाद बचे वार्डों में हर घर नल जल पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत के बदले पीएचईडी को अधिकृत कर दिया गया है। इस बाबत बीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि उनके योगदान के पूर्व सभी पंचायतों में नल जल का कार्य पूर्ण होने का प्रतिवेदन जिला को भेजा गया था। योगदान के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस कारण किसी योजना का स्थल निरीक्षण नहीं किया है। बिना कार्य पूरा किए प्रतिवेदन भेजा गया है, तो इस मामले की जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करने की अनुशंसा वरीय पदाधिकारी से की जाएगी।

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