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कोरोना महामारी का कहर:30 घंटे में कोरोना से छह की मौत

मधेपुराएक महीने पहले
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मेडिकल कॉलेज में इलाजरत मरीज। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॉलेज में इलाजरत मरीज।
  • लॉकडाउन में तीन दिन से 200 के नीचे रह रहा है नए संक्रमितों को आंकड़ा
  • मृतकों में सदर प्रखंड के 2, सिंहेश्वर, ग्वालपाड़ा, मुरलीगंज और बिहारीगंज से एक-एक

जिले में पिछले 30 घंटे में कोरोना से छह लोगों की मौत हो गई। सभी की मौत मेडिकल कॉलेज में हुई। मृतकों में मुरलीगंज के दिग्धी निवासी उमानंद सिंह, ग्वालपाड़ा के झंझड़ी निवासी राधा देवी, सदर प्रखंड के महेसुआ निवासी बेनी माधव विद्यार्थी, सदर प्रखंड के तुनियाही निवासी अजय कुमार अंबस्ठ, सिंहेश्वर प्रखंड की भेलवा निवासी जैना खातून और बिहारीगंज के स्टेशन रोड निवासी लक्ष्मीनारायण शामिल हैं। सभी के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। दूसरी ओर, लॉकडाउन लगने तीसरे दिन भी लगातार नए संक्रमितों की संख्या में मामूली कमी आई है। शुक्रवार को 167 नए संक्रमित पाए गए। जिसमें सदर में सर्वाधिक 42 लोग संक्रमित पाए गए। इसके अलावा बिहारीगंज में 18, चौसा में 10, गम्हरिया में 12, घैलाढ़ में 1, ग्वालपाड़ा में 7, कुमारखंड में 17, मुरलीगंज में 10, मुरहो में 3, पुरैनी में 4, शंकरपुर में 8, सिंहेश्वर में 6, उदाकिशुनगंज में 25 और जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज में 4 संक्रमित पाए गए। जबकि आलमनगर में शुक्रवार को एक भी संक्रमित नहीं मिले। इसी तरह से लॉकडाउन की अवधि में 6 मई को 176, 5 मई को 187 संक्रमित मिले। जबकि लॉकडाउन से पहले 4 मई को 218, 3 मई 270, 2 मई को 174 और 1 मई को 218 नए संक्रमित मिले थे। लोगों को उम्मीद है कि लॉकडाउन लगने के बाद आने वाले कुछ दिनों में संक्रमितों की संख्या में और कमी आएगी।

जिला प्रशासन की सक्रियता से बची दर्जनों कोरोना मरीजांे की जान
दरअसल गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में दोपहर में ऑक्सीजन का स्टॉक समाप्त होेने वाला था। मेडिकल कॉलेज से प्रशासन को सूचित किया गया था लगभग डेढ़ घंटे का ही ऑक्सीजन बचा हुआ है। जबकि उस वक्त मेडिकल कॉलेज के लिए दो गाड़ी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आ रहा था। लेकिन एक गाड़ी सरायगढ़ भपटियाही और दूसरी बिहारीगंज में थी। मेडिकल कॉलेज से सूचना मिलते ही प्रशासन की सांसें फूलने लगी। इसके बाद तत्काल एक पदाधिकारी को सरायगढ़ की ओर भेजा गया, ताकि रास्ते में बिना किसी रुकावट के ऑक्सीजन की गाड़ी को लाया जा सके। तो दूसरी ओर, सीओ को बिहारीगंज के आसपास रही दूसरी गाड़ी को एस्कॉट करवाया गया। दोनों ही गाड़ियां समय रहते मेडिकल काॅलेज पहुंच गईं। हालांकि इस दौरान आपात स्थिति से निबटने के लिए मेडिकल कॉलेज में 15 छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर को भी मरीजों के पास रखा गया था।

जिले में संक्रमितों का आंकड़ा
तिथि नए केस कुल संक्रमित एक्टिव केस
7 मई 167 4464 2397
6 मई 176 4230 2470
5 मई 187 3953 2159
4 मई 218 3794 2263
3 मई 270 3339 2024
2 मई 174 3109 2111
1 मई 218 2959 2034

फिर 4 में से तीन डॉक्टर मिले अनुपस्थित
मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के इलाज में लगाए गए डॉक्टरों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। गुरुवार की रात को भी रोस्टर ड्यूटी के अनुसार तैनात किए गए 4 में से तीन डॉक्टर अनुपस्थित थे। दरअसल मंगलवार की रात को भास्कर ने भी चार में भी एक डॉक्टर को ही ड्यूटी पर पाया था। खबर छपने के बाद डीएम श्याम बिहारी मीणा ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया तो चार में से दो डॉक्टर अनुपस्थित और दो फोन करने पर आए थे। जबकि गुरुवार की रात को जब प्रशासनिक टीम ने निरीक्षण किया तो भी मात्र एक डॉक्टर ही उपस्थित थे। एक डॉक्टर ने बताया कि वे संक्रमित हैं। एक अन्य ने फोन रिसीव नहीं किया, जबकि एक डॉक्टर का मोबाइल ही स्विच ऑफ था।

प्राइवेट शिक्षक की कोरोना से हुई मौत
बिहारीगंज। बिहारीगंज के स्टेशन रोड निवासी एक प्राइवेट शिक्षक सह क्रिकेटर सह समाजसेवी की कोरोना से शुक्रवार को मौत हो गई। बताया गया कि लक्ष्मी नारायण चौरसिया पिछले 8 दिनों से बुखार से पीड़ित थे। 5 मई को बिहारीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने पर वे संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां दो दिन इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।

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