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कैंपस अलर्ट:ई-लर्निंग एप के तहत पढ़ाई शुरू करने के संबंध में मांगा सुझाव

मनीष कुमार | मधेपुरा3 दिन पहले
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  • राजभवन खुद करेगा एप की माॅनिटरिंग, शिक्षकों को सिलेबस के अनुरूप एप पर मेटेरियल करना होगा अपलोड

उच्च शिक्षा के पैटर्न में बदलाव किए जाने एवं ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजभवन सचिवालय से सूबे के सभी विश्वविद्यालय से ई-लर्निंग एप के तहत पढ़ाई शुरू करने के संबंध में सुझाव मांगा है। एडिशनल सेक्रेट्री राम अनुग्रह नारायण सिंह ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्राचार कर इस पर अपना मंतव्य देने को कहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के पहले एवं दूसरे लहर में ऑनलाइन शिक्षा काफी कारगर साबित हुई है। अब विश्वविद्यालयों के पीजी विभाग एवं महाविद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा के लिए पूरा सेटअप तैयार किया जाए। इसको लेकर कवायद चल रही है। ताकि आगे भी महामारी के समय उच्च शिक्षा प्रभावित नहीं हो सके। इसे लेकर सभी विश्वविद्यालय से सुझाव मांगा गया है।

नई शिक्षा नीति में भी ऑनलाइन तकनीकी शिक्षा पर जोर

सभी विश्वविद्यालय अपने सिलेबस के अनुसार ई-लर्निंग एप पर स्टडी मेटेरियल अपलोड करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग दो स्तर पर की जाएगी। पहले स्तर पर विश्वविद्यालय पीजी विभाग एवं महाविद्यालयों की मॉनिटरिंग करेगा। जिसमें शिक्षकों द्वारा ई-लर्निंग एप पर डाले गए स्टडी मेटेरियल की जांच की जाएगी। वहीं दूसरे स्तर पर राजभवन स्वयं इसकी मॉनिटरिंग करेगा। जिसमें शिक्षकों द्वारा अपलोड किए गए स्टडी मेटेरियल के क्वालिटी की जांच की जाएगी। इस कड़ी में बीएनएमयू के कुलपति को भी पत्राचार कर सुझाव मांगा गया है। नई शिक्षा नीति में भी ऑनलाइन एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। राजभवन सचिवालय द्वारा जारी पत्र में नई शिक्षा नीति को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है। इसमें इंटरएक्टिव ऑनलाइन क्लासेज, सब्जेक्ट वाइज एवं टॉपिक वाइज लेक्चरर और सोशल मीडिया के जरिए तैयार कर स्टडी मेटेरियल को अपलोड कर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।

ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड में होगी पढ़ाई
राजभवन सचिवालय के संयुक्त सचिव राजकुमार सिन्हा के द्वारा जारी पत्र में शिक्षकों को दोनों मोड में पढ़ाई कराने का सुझाव दिया गया है। विभिन्न पीजी विभाग एवं महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सिलेबस के अनुरूप ऑफलाइन पढ़ाने कराने के बाद उसी स्टडी मेटेरियल को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का सुझाव दिया गया है। ताकि इसका लाभ वैसे छात्र-छात्राएं भी उठा सकें, जो किसी कारणवश क्लास अटेंड नहीं किए हो। ई-लर्निंग एप पर स्टडी मेटेरियल अपलोड होने के बाद राजभवन सचिवालय शिक्षकों के कार्य का भी मूल्यांकन कर सकेगा।

शीघ्र ही भेजा जाएगा मंतव्य
बीएनएमयू में ऑनलाइन मॉनिटरिंग कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। शीघ्र ही ई-लर्निंग एप के बारे में राजभवन सचिवालय को मंतव्य भेजा जाएगा।
प्रो. आरकेपी रमण, कुलपति, बीएनएमयू मधेपुरा

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