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कोरोना का कहर :दो महीने के लिए मंदिर होगा सील, सावन भादो में श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे जलाभिषेक

मधेपुरा / सिंहेश्वर15 दिन पहले
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बैठक करते डीएम व एसपी।
  • 81 दिन बंद रखने के बाद 11 जून से शुरू हुआ था सिंहेश्वर बाबा का जलाभिषेक
  • पांच जुलाई को सैनिटाइज कर मंदिर को किया जाएगा बंद
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कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक बार फिर से अगले दो माह के लिए बिहार प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर को बंद किया जा रहा है। इस कारण से इस बार बिहार, यूपी और नेपाल से लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालु महादेव को प्रिय मास श्रावण में जलाभिषेक नहीं कर पाएंगे। साथ ही भादो मास में भी बाबा का जलाभिषेक नहीं हो पाएगा। बताया गया कि छह जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेला से एक दिन पूर्व पांच जुलाई को मंदिर परिसर काे पूरी तरह से सैनिटाइज कर पूरे परिसर को ही सील कर दिया जाएगा। ताकि किसी भी स्थिति में मंदिर ही नहीं मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन नहीं हो। 
इसके साथ ही मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की भी तैनाती कर दी जाएगी। विदित हो कि कोरोना संकट उत्पन्न होने के बाद 21 मार्च से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की पूजा पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने पर 11 जून को 81 दिन के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था। बाबा के जलाभिषेक के लिए गेट पर अरघा भी लगा दिया गया था, ताकि गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश को रोका जा सके। लेकिन खासकर श्रावण मास की सोमवारी और भादो मास के रविवार को सिंहेश्वर मंदिर में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना पुलिस, प्रशासन और मंदिर की व्यवस्था से जुड़े लोगों के टेढ़ी खीर होते जा रहा था। इस कारण से प्रशासन को इस तरह का कड़ा निर्णय लेना पड़ा। मंदिर में दो माह की बंदी के दौरान पुजारी बाबा की सामान्य पूजा करते रहेंगे। 
सदस्यों के सुझाव पर लिया गया निर्णय
श्रावणी मेला काे लेकर मंगलवार काे डीएम नवदीप शुक्ला ने सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सभाकक्ष में न्यास के सदस्यों और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सभी सदस्यों से बारी-बारी से उनके सुझाव आमंत्रित किए गए। सदस्यों द्वारा अन्य मंदिरों की भांति बाबा सिंहेश्वर नाथ मंदिर को भी श्रावणी मेला के अवसर पर बंद रखने का सुझाव दिया गया। कहा कि भीड़ को नियंत्रित करना और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना अत्यंत दुरूह कार्य है। ऐसे में पूरे परिसर को बंद किया जाना ही उचित है। इसके बाद डीएम ने सहमति दी। मौके पर एसपी संजय कुमार, न्यास के सचिव सह एसडीएम वृंदालाल, एसडीपीओ वसी अहमद, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गोपाल प्रसाद, एनडीसी रजनीश कुमार राय, बीडीओ राजकुमार चौधरी सहित अन्य भी थे।

धार्मिक बोर्ड ने भी जारी की थी गाइडलाइन
छह जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले को लेकर बिहार के सभी शिव मंदिरों के संबंध में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने दिशा-निर्देश जारी किया था। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि मंदिर के व्यवस्थापक, मंदिर न्याय समिति, जिला प्रशासन के साथ बैठक कर स्थिति पर चर्चा करेंगे और स्थिति नियंत्रण में होने की संभावना नहीं हो तो मंदिर को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर झारखंड के देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम, पूर्वी चंपारण के सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर, सीतामढ़ी के हलेश्वर नाथ महादेव मंदिर को बंद करने के निर्णय का भी जिक्र किया गया था। बोर्ड ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि अपने नजदीक के मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चन करें, ताकि वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव हो सके।

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