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यास का असर:बारिश ने तोड़ी जिले के सब्जी उत्पादक किसानों की कमर

मधेपुरा18 दिन पहले
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मंजौरा में पानी मंे डूबी फसल। - Dainik Bhaskar
मंजौरा में पानी मंे डूबी फसल।
  • जिले के आधा दर्जन प्रखंडों के विभिन्न गांव में किसान करते हैं सब्जी की खेती

कोरोना नियंत्रण को लेकर जारी लॉकडाउन के दौरान सब्जियों की कम कीमत से परेशान किसान अब फसल के खराब होने की मार झेल रहे हैं। बेमौसम बारिश और तेज हवा से कई सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है। इस कारण सब्जी उत्पादक परेशान हैं। इस बार सब्जियों की फसल अच्छी थी, लेकिन लॉकडाउन और बारिश की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
पिछले दिन हुई लगातार बारिश से सब्जी के खेतों में पानी लग गया था। पानी हटने के बाद सब्जी की फसल धीरे-धीरे सूख रही है। लॉकडाउन के कारण खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं। किसान बहुत कम कीमत पर सब्जी बेचने को मजबूर हैं। इसलिए लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। महाजन का कर्ज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। किसानों ने बताया कि लगातार हुई बारिश से खेतों में पानी जमा होने के कारण हरी सब्जी के पौधों को नुकसान पहुंचा है। सब्जियों का उत्पादन भी कम हो जाएगा।
इन प्रखंडों में हाेती है सब्जी की खेती : विदित हो कि अनाज के साथ-साथ जिले के किसान बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती भी करते हैं। इसमें सिंहेश्वर प्रखंड के पटोरी, रामपुर, इटहरी, लालपुर, सुखासन, भेलवा, शंकरपुर के गिद्दा, बगबियानी, रामपुर लाही, हसनपुरा, निशिहरपुर, जिरवा, उदाकिशुनगंज प्रखंड के मंजौरा, मधुवन, जोतैली हैं। इसके अलावा बीड़ी रणपाल, कुम्हारपुर, पुरैनी प्रखंड के बघवा दियारा, वासुदेवपुर, डुमरैल, बथनाहा, आलमनगर प्रखंड के नरथुआ, चौसा प्रखंड के भटगामा, अरजपुर, कलासन, सदर प्रखंड के मदनपुर, बेतौना, शकरपुरा, दुबियाहि, राजपुर, मधुवन, जीवछपुर, सुखासन, घैलाढ़ प्रखंड के कमलपुर, बाली, चित्ती, ध्रुवपट्टी, ग्वालपाड़ा प्रखंड के कल्याणपट्टी, टेमा, महराजगंज आदि गांव में बड़े पैमाने पर किसान सब्जी की खेती करते हैं।

बैंगन को होगा सबसे अधिक नुकसान
सिंहेश्वर प्रखंड के किसान रामदेव मंडल, शंकरपुर के मुकेश कुमार, दीपक यादव, उदाकिशुनगंज के रामशंकर मेहता, दीपनारायण मेहता, ग्वालपाड़ा के चलितर पंडित आदि ने बताया कि सबसे अधिक बैंगन के फसल को नुकसान होगा। पानी लगने से बैंगन के पौधा सूख रहे हैं। बारिश की वजह से टमाटर, भिंडी, नेनुआ, झिंगा आदि की खेती लगभग चौपट हो जाएगी।

फसल क्षति का किया जा रहा आकलन
बारिश के कारण बर्बाद हुई फसल का आकलन किया जा रहा है। सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित प्रखंडों के पंचायतों का सर्वे कर फसल समेत सब्जी की हुई बर्बादी का आकलन कर उसका प्रतिवेदन समर्पित करें। इसके बाद सरकार को इससे संबंधित प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
-राजन बालन, जिला कृषि पदाधिकारी, मधेपुरा

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