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दबंगई:विश्वविद्यालय में मूल प्रमाण-पत्र के लिए आए छात्र के साथ कर्मियों ने की मारपीट

मधेपुरा16 दिन पहले
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  • 2017 में मूल प्रमाण-पत्र के लिए किया था आवेदन, चार साल से विश्वविद्यालय और कॉलेज का चक्कर लगा रहे हैं छात्र

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में मूल प्रमाण-पत्र के लिए आए एक छात्र के साथ विवि कर्मियों द्वारा मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। एमएलटी कॉलेज सहरसा के पीड़ित छात्र अग्रज कुमार मल्लिक ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में स्नातक के मूल प्रमाण-पत्र के लिए विश्वविद्यालय में आवेदन किया था। इसके बाद से लगातार वे विश्वविद्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें मूल प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में कहा जा रहा है कि उनका मूल प्रमाण-पत्र विश्वविद्यालय में है और विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग के कर्मी कॉलेज में मूल प्रमाण-पत्र होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज देते हैं।

बताया कि कभी टीआर खराब हो जाने की बात कहकर कॉलेज से टीआर लाने को कहा जाता है तो कभी कुछ और बहाना बनाया जाता है। जबकि उनके पास सारा कागजात उपलब्ध है। बुधवार को वे जब विवि के मूल प्रमाण-पत्र शाखा में गए तो वहां के कर्मियों ने चार बजे के बाद आने को कहा। उन्होंने बताया कि वहां जब वे प्रमाण-पत्र मिलने तक भूख हड़ताल करने की बात कही तो उनके साथ कर्मियों ने धक्का-मुक्की कर उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं उनके मूल प्रमाण-पत्र की रसीद भी फाड़ दी गई। इस दौरान विभिन्न संगठन के छात्र नेता वहां पहुंचकर छात्र के साथ हुई बदसलूकी को लेकर विरोध जताया। छात्र नेताओं के हंगामे के बाद परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार ने मामले को शांत करवाया। हालांकि उन्होंने छात्र के साथ हुई मारपीट के मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

कार्यालय में घुसकर छात्र मचा रहा था हंगामा : संतोष कुमार
मूल प्रमाण-पत्र शाखा में कार्य कर रहे एक कर्मी संतोष कुमार ने बताया कि छात्र के द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत है। वह कार्यालय के अंदर घुसकर हंगामा मचा रहा था। इस पर मूल प्रमाण-पत्र के लिए आए कुछ छात्रों ने ही उसे कार्यालय से बाहर कर दिया। उन्होंने बताया कि उसके अंकपत्र और प्रोविजनल प्रमाण-पत्र में पंजीयन वर्ष में भिन्नता के कारण मूल प्रमाण- पत्र लंबित है। जिसे सुधार कराने के लिए कहा गया था। लेकिन उन्होंने सुधार नहीं करवाया।

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