दुस्साहस:ड्रेसिंग कराने इमरजेंसी में घुसे युवकों ने छिड़का जहरीला रसायन, दम घुटने से बाहर भागे मरीज

मधेपुराएक वर्ष पहले
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सदर अस्पताल में जहरीले रसायन के छिड़काव के बाद बाहर बैठे वार्ड के मरीज। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में जहरीले रसायन के छिड़काव के बाद बाहर बैठे वार्ड के मरीज।
  • सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड के आवेदन पर 5 नामजद समेत नाै आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी, चार गिरफ्तार
  • मरीजों में खौफ पैदा कर निजी क्लीनिक ले जाने की नीयत से घटना किए जाने की आशंका

सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के ड्रेसिंग रूम में ड्रेसिंग कराने आए युवकों ने सोमवार की देर रात वार्ड में जहरीले रसायन का छिड़काव कर दिया। इसकी वजह से वार्ड में काम कर रहे चिकित्सक, अस्पताल कर्मी व भर्ती मरीजों को आंख में जलन, खांसी तथा दम घुटने की समस्या होने लगी।  मरीजों के साथ ही चिकित्सक व अस्पतालकर्मी  वार्ड से बाहर भागने लगे। घटना की सूचना सदर थाने को दी गई। मौके पर पहुंचे कमांडो हेड विपिन कुमार के साथ कमांडो टीम के सदस्यों तथा पुलिस पदाधिकारियों ने वहां मौजूद चार युवकांे को तो पकड़ लिया, लेकिन शेष पांच युवक भागने में सफल हो गए। सदर अस्पताल में तैनात गार्ड के आवेदन पर पांच नामजद तथा चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।  पुलिस गिरफ्तार चार युवकों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। घटना के संबंध में डीएस डॉक्टर डीपी गुप्ता ने   सीएस डॉक्टर सुभाष चंद्र श्रीवास्तव  समेत अन्य पदाधिकारियों को जानकारी दी। चिकित्सकों ने बताया कि अगर इसी तरह असामाजिक तत्वों द्वारा जहरीले रसायन का छिड़काव कर चिकित्सकों व कर्मियों को भयभीत किया जाएगा तो इस हालत में काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों से मांग की है कि ऐसे युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को निजी क्लीनिक ले जाने की नीयत से युवकों द्वारा ऐसी हरकत बराबर किसी न किसी रूप में की जा रही है। जानकारी मिली है कि निजी क्लीनिकों के संचालकों द्वारा प्रति मरीज युवकों को एक हजार रुपए दिए जाते हैं, जिसके लोभ में फंसकर युवक सदर अस्पताल में खौफ का माहौल बनाकर भोले-भाले मरीजों को भड़काते रहते हैं।  

आरोपी युवकों को भेजा जाएगा जेल 
सदर थानाध्यक्षड्यंत्र के तहत किया गया छिड़काव 
सदर अस्पताल में युवकों द्वारा षड्यंत्र के तहत जहरीले रसायन का छिड़काव किया गया है। प्रशासन को चाहिए की ऐसे माहौल में चिकित्सकों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
डॉक्टर डीपी गुप्ता, डीएस, सदर अस्पताल

केस दर्ज कर पुलिस कर रही है मामले की जांच : थानाध्यक्ष
थाना में दिए गए आवेदन में गोसाईं टोला वार्ड संख्या-पांच निवासी सुरक्षा गार्ड दीपनारायण यादव ने कहा है कि वे सदर अस्पताल में सेवादाता-ईलाइट फालकॉन, पटना के द्वारा सुरक्षा गार्ड के रूप में प्रतिनियुक्त किए गए हैं। सोमवार की रात करीब 9.45 बजे मामूली रूप से जख्मी मरीज वार्ड संख्या-8 निवासी विजेंद्र यादव के पुत्र भवेश कुमार तथा वार्ड संख्या-4 निवासी मणी हुसैन के पुत्र सद्दाम हुसैन अपने साथी वार्ड संख्या-20 निवासी देवन महतो के पुत्र दीपक कुमार, गोसाईं टोला वार्ड संख्या-4 निवासी ईशामुउदीन के पुत्र मो. सादिर, वार्ड संख्या-1 माणिकपुर निवासी गजेंद्र यादव के पुत्र मन्नू कुमार तथा जयप्रकाशनगर निवासी गोल्डेन कुमार और अन्य तीन-चार साथियों के साथ इमरजेंसी वार्ड में आए। जिसे चिकित्सक द्वारा ड्रेसिंग की सलाह दी गई। ड्रेसिंग समाप्त होने  के बाद इन लोगों के द्वारा  कक्ष से बाहर निकलने के समय लगभग 10 बजे जहरीले रसायन का छिड़काव कर दिया गया। जिसके उपरांत ड्रेसिंग कक्ष में कार्यरत कर्मी एवं अन्य मरीज को छींक के साथ खांसी, सांस की तकलीफ एवं आंखों में जलन होने के साथ-साथ दम घुटने लगा। चिकित्सकों ने सदर थानाध्यक्ष से प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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