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घर वापसी / नेपाल में ईंट-भट्ठा पर फंसे थे यूपी के 19 पुरुष, 11 महिला और 10 बच्चे; बॉर्डर क्रॉस कर देश लौटे तो, बोले-मर जाएंंगे, लेकिन नेपाल मजदूरी करने नहीं जाएंगे

19 men, 11 women and 10 children of UP were stranded on brick-kiln in Nepal; If you cross the border and return to the country, you will speak and die, but Nepal will not go to work.
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19 men, 11 women and 10 children of UP were stranded on brick-kiln in Nepal; If you cross the border and return to the country, you will speak and die, but Nepal will not go to work.

  • बच्चे को छोड़ सभी मजदूर नेपाल के फुलगामा में एक ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करते थे
  • र्डर सील रहने के बावजूद भी रात के अंधेरे में सभी पैदल चोरी-छिपे बॉर्डर क्रॉस देश आ गए

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 06:12 AM IST

मधुबनी. पेट का भूख सबसे बड़ा मजबूरी होता है। इसके आगे सभी विवश है। हुआ यूं कि यूपी के करीब 40 लोग नेपाल स्थित ईंट भट्टा पर फंसे हुए थे। जिसमें करीब 19 पुरुष, 11 महिला व 10 बच्चे शामिल हैं। इसमें अधिकतर लोग पूरे परिवार के साथ ईंट भट्‌ठा पर ही रहते थे। बच्चे को छोड़ सभी मजदूर नेपाल के फुलगामा में एक ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करते थे। लॉकडाउन ने बाद काम मिलना बंद हो गया। ईंट भट्ठा मालिक व स्थानीय प्रशासन अपने हाल पर सभी को छोड़ दिया। किसी तरह करीब दो महीने कटने के बाद यूपी जाने का मन में ठान लिए हैं। चूंकि इन लोगों को खाने पीने में भी दिक्कत होने लगी थी। बॉर्डर सील रहने के बावजूद भी रात के अंधेरे में सभी पैदल चोरी-छिपे हरिणे बॉर्डर क्रॉस कर बुधवार को सभी भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए। 
उमगांव के समाजसेवी ने कराया भोजन, 65 हजार में बस से भेजा
इसके बाद सभी को उमगांव के आधे दर्जन समाजसेवी ने सभी को दिन का भोजन कराया। जिसके बाद सभी ने अपने-अपने घर फोन कर बस की व्यवस्था की। 65 हजार में सभी ने बस की। यूपी के शाहजहांपुर से बस इनलोगों को ले जाने के लिए विदा हो गया है। सभी बस के प्रतीक्षा में इंतजार में बैठे हुए हैं। यूपी के हरदोई निवासी संजय कुमार, हरवेश कुमार, मेहते लाल, खान सिंह, रूपवती देवी, गंगा देवी ने बताया कि यह दो महीना नेपाल में कैसे बिता यह मेरा ही आत्मा बता रहा है। मर जाऊंगा लेकिन मजदूरी करने नेपाल नहीं जाऊंगा। चाहे जो हो जाए। एक तो काम नहीं मिल रहा था, दूसरी ओर भोजन पर भी आफत हो गई थी। 

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