काला दिवस के रूप मे मनाया / एबीवीपी सदस्यों ने मनाया काला दिवस, कहा- सरकार निर्णय वापस नहीं लेगी तो होगा आंदोलन

काला दिवस मनाते छात्र। काला दिवस मनाते छात्र।
बाबूबरही में विरोध जताते एबीवीपी कार्यकर्ता। बाबूबरही में विरोध जताते एबीवीपी कार्यकर्ता।
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काला दिवस मनाते छात्र।काला दिवस मनाते छात्र।
बाबूबरही में विरोध जताते एबीवीपी कार्यकर्ता।बाबूबरही में विरोध जताते एबीवीपी कार्यकर्ता।

  • एसटीईटी परीक्षा रद्द करने को लेकर काली पट्टी बांध कर किया विरोध

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

मधुबनी. एसटीईटी परीक्षा रद्द करने को लेकर शनिवार को पुरे प्रदेश में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के की ओर से बिहार सरकार के द्वारा एसटीईटी परीक्षा रद्द करने के कारण काला दिवस के रूप मे मनाया गया। पूरे प्रदेश के कार्यकर्ता सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर काली पट्टी बांध कर विरोध कर रहे थे। देखते ही देखते रोल बैक एसटीइटी टेंड करने लगा। जिला इकाई के भी सभी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सुबह से ही सरकार के इस गलत निर्णय के खिलाफ अपनी नाराजगी व रोष व्यक्त कर रहे थे। एबीवीपी जिला इकाई के जिला संयोजक विष्णु विज्ञान झा ने कहा कि ये सरकार छात्रों की विरोधी है, सरकार के मुखिया और उपमुखिया दोनों व्यक्ति निराशा के कुएं में जा गिरे है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तो चौपट करके ये अब न्यायालय की अवमानना करने पर उतारू हो गए है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती हैं और समय आने पर उग्र आंदोलन करने के लिए भी तैयार है। वहीं विभाग संयोजक राकेश साहु ने कहा कि छात्र परेशान और न्यायतंत्र लाचार हैं, किस मुंह से कहे कि बिहार में बहार है।
हजारों छात्रों ने भाग लिया
मधुबनी|अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूरे बिहार में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द करने के विरुद्ध शनिवार को काला दिवस के रूप में मनाया। इसमें पूरे बिहार के हजारों छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सह मिथिला विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य सुजीत पासवान  ने कहा है कि एसटीइटी की परीक्षा रद्द करना बिहार के हजारों छात्रों के भविष्य के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया है। सरकार पुनर्विचार करें। अन्यथा परिषद चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा। सुजीत पासवान ने कहा कि एसटीइटी एग्जाम कैंसिल के मामले में हाईकोर्ट का निर्णय जब 22 मई को आना था तो कोर्ट के निर्णय से पहले एग्जाम कैंसिल का निर्णय बोर्ड के द्वारा क्यों लिया गया।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने काली पट्‌टी बांधकर जताया विरोध
बाबूबरही|  
माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण व आत्मघाती कदम एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बताया है। सभी कार्यकर्ताओं ने काला पट्टा बांध कर विरोध जताया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई बाबूबरही ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण व आत्मघाती कदम बताया। इस मौके पर नगर मंत्री ध्रुव कुमार ने कहा कि बिहार प्रांत द्वारा गठित अध्ययन दल के अनुसार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा रिजल्ट प्रकाशित होने के समय अचानक से परीक्षा रद्द किया जाना, खुद परीक्षा समिति व शिक्षा विभाग एवं बिहार सरकार को अपने ही ऊपर प्रश्नचिह्न लगाती है। परीक्षा से पूर्व समिति द्वारा बताए गए नियम परिनियम के अनुसार कदाचार परीक्षा स्पष्ट थी लेकिन 16 मई को चार सदस्य टीम के बारे में जानकारी देते हुए परीक्षा को रद्द करने की बात कही गई। दिपु कुमार ने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद बोर्ड अध्यक्ष द्वारा यह साफ तौर पर कहा गया कि ना तो कहीं पर परीक्षा का पर्चा लीक हुआ था और ना ही परीक्षा में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ तो फिर क्या मजबूरी आई बिहार बोर्ड और बिहार सरकार को जो अपरिहार्य कारणों से परीक्षा को रद्द करना पड़ा। सुरेंद्र कुमार, रोहित सिसोदिया, किशन चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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