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हक की लड़ाई:आयुष चिकित्सक 10 मई से काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम मांगें पूरी नहीं होने पर 15 मई से ही होम आइसोलेशन में रहेंगे

मधुबनीएक महीने पहले
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ड्यूटी करते आयुष चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
ड्यूटी करते आयुष चिकित्सक।
  • संघ ने सरकार को मांग पत्र भेजकर रणनीति से कराया अवगत, जल्द मांंगों को पूरा करने की अपील की गई

स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों के बाद अब आयुष चिकित्सकों ने भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। राज्य के आयुष मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन आमसा के स्वास्थ्य कर्मी (अमसा) के लिए गए निर्णय के आलोक जिले के सभी स्वास्थ्य संविदा आयुष कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में 10 मई से 12 मई तक काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे और अपनी मांगे पूरी नहीं होने की स्थिति में 15 मई से होम आइसोलेशन में रहेंगे। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डा. गजेंद्र पांडेय ने कहा है कि वर्तमान समय में कोविड-19 संक्रमण से अधिसंख्य लोग ग्रसित हो रहे हैं, परंतु इस काल में भी आयुष चिकित्सक अंतर्गत कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मी भयमुक्त होकर मानवता को बचाने के लिए अपनी सेवा लगातार दे रहे हैं।

चाहे फ्लू कार्नर हो या पीएचसी या कोविड केयर सेंटर सभी जगह हमलोग लगातार ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में हमारे कई कर्मठ साथी खुद कोरोना संक्रमण के शिकार होकर काल कवलित हो गए हैं । अनेकों बार सरकार और संघ के बीच लिखित मौखिक एवं मीडिया के समक्ष हमारी मांगों की पूर्ति के लिए आश्वासन भी दिया गया। हड़ताल पर गए संविदा कर्मियों ने उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए हड़ताल भी समाप्त कर दिया, परंतु सरकार द्वारा वादाखिलाफी कर हमारी मांगों को ले आजतक कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा सकी।  कोविड-19 के पहले प्रकोप में कई स्वास्थ्य कर्मी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। राज्य में कई जिलों में कर्मचारियों की मृत्यु भी हुई है। यदि उक्त तिथि तक सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया, तो 15 मई से सभी कर्मी कार्य करने के दौरान घनात्मक रोगियों के संपर्क में आने के कारण हम लोग खुद होम आइसोलेट कर लेंगे। आयुष चिकित्सकों की प्रमुख मांगों में 65,000 प्रतिमाह मानदेय किए जाने, 3270 आयुष चिकित्सकों की बहाली जल्द किए जाने, संविदा पर कार्यरत सभी आयुष चिकित्सकों को स्थाई बहाल किए जाने, स्थाई चिकित्सकों की तरह संविदा चिकित्सकों को मृत्यु के बाद लाभ दिए जाने, संक्रमित चिकित्सक को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेड सुविधा के साथ दिए जाने सहित अन्य मांग शामिल हैं।

वर्तमान में जिले तथा पीएचसी में अधिकांश स्टाफ संविदा कर्मी ही कार्यरत हैं। संविदा कर्मी के संघ ने सरकार को मांग पत्र भेजकर कहा है 6 मई से 8 मई तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे अगर इस अवधि में मांग पूरी नहीं की गई तो 12 मई से सभी कर्मचारी खुद को आइसोलेट कर लेंगे। उन्होंने कहा कि बिना बीमा के कर्मचारियों की मौत हो रही है। इनलोगों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों पदाधिकारियों का मानदेय पुनरीक्षण कर शत प्रतिशत की बढ़ोतरी करने,कोविड-19 के बीच कार्य कर रहे संविदा कर्मियों एवं आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रहे कर्मियों के लिए 50 लाख का बीमा सुविधा उपलब्ध कराने,ग्रुप एक्सीडेंटल पॉलिसी एवं मेडिकल हेल्थ पॉलिसी लागू किए जाने के साथ अन्य मांग शामिल है।

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