बढ़ी चिंता:तीन प्रखंडों में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से बढ़ी चिंता, अलर्ट है विभाग

मधुबनी5 महीने पहले
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फुलपरास हरलाखी और मधेपुर प्रखंडों में एक साथ कोरोना पॉजिटीव मरीज के मिलने से सनसनी फैल गयी है। लगभग चार महीने बाद पचास प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुले विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक एक बार फिर से चिंतित नजर आ रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि कोरोना से डरे या बच्चों को स्कूल भेजें ? स्कूल भेजने पर संक्रमण का खतरा है तो नहीं भेजने पर पढ़ाई की हानि है ? स्थिति ऊहापोह की बनी है। विद्यालयों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही दिख रही है। कोरोना बाद खोले गये स्कूलों में सरकार द्वारा जारी कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन कहीं से भी होता दिख नही रहा है। बच्चे तो बच्चे अध्यापक तक मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं।  सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन की चर्चा करना तो सूर्य को दीपक दिखाने के समान ही जान पड़ता है। इधर जिला पदाधिकारी ने कोरोना की धमक और इसकी गंभीरता को देखते हुए जिले के तीनों प्रखंडों में लंबा चौड़ा केटेनमेंट जोन बनाने के आदेश दिया है। बहुत सारे पाबंदियां लगाई गई है ताकि लोग महफूज रहे। परंतु लोगों में कोरोना को लेकर जागरुकता का घोर अभाव दिख रहा है। अलग बात है कि कोरोना रोधी टीका लेने के लिए लोग टीका केन्द्रों पर उमड़ रहे हैं। पहले हम पहले हम को लेकर हो हल्ला भी करते देखे जा रहे हैं।

बांकी अधिकांश समय बेखबर ही रहते हैं। अनलॉक 7 में धार्मिक स्थलों को अभी खोला नहीं गया है। फिर भी मंदिरों में कथा प्रवचन भजन कीर्तन आरती प्रवचन आम जीवन में भोज भंडारा राजनीतिक जीवन में सभा जुलूस जिंदाबाद मुर्दाबाद सब चालू है। वह भी अपने अपने अंदाज में ! जानकारों की राय में समय अभी विपरीत है एक दिन सामान्य भी होेगा ही। उनकी राय में सरकारी अध्यादेश निकालने से अधिक महत्वपूर्ण लोगों को जागरुक और स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील होने की है।

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