चुनावी सरगर्मी:प्रमुख और उपप्रमुख पद के दावेदार पंसस को गोलबंद करने में जुटे हैं

मधुबनीएक महीने पहले
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  • शपथ ग्रहण नहीं हुआ लेकिन पद के लिए चुनावी सरगर्मी काफी तेज है

प्रखंड के सभी चौदह पंचायत में पंचायत चुनाव के साथ मतगणना भी सम्पन्न हो चुका है। चुनाव व मतगणना के समाप्ति के बाद हालाकिं नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि को शपथ ग्रहण का कार्य नही किया गया है। लेकिन प्रखंड में प्रमुख व उप प्रमुख पद के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रमुख व उप प्रमुख पद के दावेदार और उनके समर्थक नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य के यंहा दस्तक देना शुरू कर दिया हैं। निवर्तमान पूर्व उप प्रमुख रेखा देवी चुनाव हारकर पहले ही बाहर हो चुकी है तो निवर्तमान पूर्व प्रमुख कुमारी उषा एक बार फिर अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर प्रमुख पद के लिए दावेदारी मजबूती से पेस कर रही है। मालूम हो कि प्रखंड के चौदह पंचायत के अठारह पंचायत समिति में अधिकांश पंसस नए जीतकर आए हैं।

जीते हुए पंसस के को अपने पक्ष में गोलबंद करने में प्रमुख व उप प्रमुख पद के दावेदार जुट चुके हैं। पक्ष व विपक्ष के द्वारा लगातार गुप्त रूप से बैठक का दौड़ चल रहा है। मालूम हो कि जहा उप प्रमुख का पद सामान्य है। वही प्रमुख पद महिला के लिए आरक्षित है। प्रखंड के राजनीतिक मामलों के जानकारों का कहना माने तो यहा प्रमुख व उप प्रमुख पद के लिए जातीय राजनीति समीकरण कोई मायने नही रखता है। जहा 2001 में कुर्मी जाति से दीपक कुमार सिंह, 2006 में भी कुर्मी जाति से संजीव राय, 2011 में पुनः दीपक कुमार सिंह व 2016 में कोईरी जाति से कुमारी उषा प्रखंड प्रमुख की प्रतिनिधित्व कर चुकी है। जानकारों की माने तो प्रमुख व उप प्रमुख पद के लिए अंदरखाने पैसों का खेल चल रहा है। लेकिन कोइ भी कुछ भी बोलने तैयार नहीं है। इधर अधिकांश नव निर्वाचित पंसस बताते हैं कि इसबार वह लोग जाति धर्म से उठकर बिना किसी लोभ प्रलोभन के प्रमुख व उप प्रमुख का चुनाव विकास के मुद्दा पर करेंगे।

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