जागरूकता:यज्ञ देवताओं से युक्त होने के कारण श्रेष्ठतम, इससे शुद्ध हाेता है वातावरण

मधुबनीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
वेद यज्ञ समापन के दौरान उपस्थित लोग। - Dainik Bhaskar
वेद यज्ञ समापन के दौरान उपस्थित लोग।
  • तीन दिवसीय वेद कथा ज्ञान यज्ञ समारोह संपन्न हुआ, यज्ञ की महत्ता को बताते हुए यज्ञ करने पर दिया गया जोर

शहर के आर्य समाज मंदिर, तिलक चौक के प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय वेद कथा ज्ञान यज्ञ का मंगलवार को समापन हुआ। यज्ञ के अंतिम दिन योग साधना का आयोजन मुनि सत्यजीत के निर्देशन में व हवन यज्ञ डॉ. व्यास नंदन शास्त्री व आचार्य सुशील कुमार के कुशल निर्देशन में नियमानुसार संपन्न हुआ। भजनोपदेशक पंडित शिव नारायण ने वेद के महत्व से संदर्भित भजनों और पावन गायन से प्रस्तुत किया। हवन यज्ञ समारोह में मुनि सत्यजीत ने कहा कि यज्ञ देवताओं से युक्त होने के कारण श्रेष्ठतम है।

यज्ञ श्रेष्ठतम कर्म है यह देवताओं की पूजा, देवताओं का दान है। यज्ञ हमें श्रेष्ठतम इसलिए बनाता है कि यह जल, वायु व वातावरण का शुद्धिकरण कर इसे श्रेष्ठ बनाता है। यज्ञ कार्यक्रम का संयोजन उदय जायसवाल और संचालन डॉ. शुभ कुमार वर्णवाल कर रहे थे। जबकि इसका समापन आचार्य सुशील के धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। संध्या समय के आयोजन में सुखदेव राउत ने कहा कि आर्य समाज मंदिर का निर्माण मधुबनी में हुआ और यह मधुबनी के लिए गौरव की बात है। वेद कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन पहली बार यहां आरंभ किया गया है जो हमारी संस्कृति के लिए बहुत आवश्यक है।

नगर विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि आर्य समाज मंदिर के विकास के लिए योजना बनाई जाए। निश्चित रूप से इसका नियमानुसार सम्यक विकास किया जाएगा। संध्याकालीन शिक्षा सम्मेलन कार्यक्रम में मुनि सत्यजीत ने कहा कि वैदिक शिक्षा सर्वोपरि शिक्षा है। वैदिक शिक्षा में शरीर के साथ मन, आत्मा और परमात्मा की भी शिक्षा भी दी जाती है। कार्यक्रम में उदय जायसवाल, मृणाल कांत सिंह मून, डाॅक्टर मोहन पंजियार, सुखदेव राउत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...