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कार्यक्रम:गर्भवती महिला के खाली पेट रहने से शिशु अाैर मां को नुकसान होता है

मधुबनीएक महीने पहले
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स्वच्छता प्रबंधन कार्यक्रम में शामिल लाेग। - Dainik Bhaskar
स्वच्छता प्रबंधन कार्यक्रम में शामिल लाेग।
  • प्रजनन, स्वास्थ्य और माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर विशेष शिविर का आयोजन, साफ-सफाई और खानपान के बारे में बताया गया

प्रजनन, स्वास्थ्य, वास और माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन वर्ल्ड नेबर्स, घोघरड़ीहा प्रखंड स्वराज्य विकास संघ जगतपुर और रुरल डेवलपमेंट ट्रस्ट अडरिया संग्राम के संयुक्त तत्वावधान में जीपीएसभीएस सभागार में किया गया। प्रशिक्षक के रूप में रेणु सिंह द्वारा उपस्थित कस्तूरबा महिला मंडल के सदस्य को माहवारी के समय होने वाली पीड़ा से बचाव और उपाय के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। वहीं गर्भधारण के उपरांत गर्भवती महिला को अधिक से अधिक प्रोटीन युक्त भोजन करना चाहिए साथ ही दिन में चार से पांच बार थोड़ा-थोड़ा भोजन ग्रहण करना चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को खाली पेट नहीं रहने की सलाह दी। गर्भवती महिला के खाली पेट रहने से शिशु अाैर माता दोनों को नुकसान होता है। ऐसी स्थिति में शिशु शारारिक ओर मानसिक रूप से कमजोर जन्म लेता है। जिससे शिशु और माता दोनों के स्वास्थ्य पर बूरा प्रभाव पड़ता है। शिशु के जन्म के एक घंटा के अंदरर माता का दुध अनिवार्य रुप से देना चाहिए। जो शिशु माता का दूध पीता है ऐसे शिशु के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होता है। जिस कारण ऐसे शिशु को रोगी होने का खतरा कम रहता है। शिशु को माता का दुध कम से कम दो साल तक देना चाहिए। शिशु को 6 माह के बाद दाल का पानी देना चाहिए। वास व्यक्तिगत साफ सफाई एवं समाजिक साफ-सफाई में पूरा योगदान देना चाहिए। कस्तूरबा महिला मंडल में इतनी शक्ति है कि अपने परिवार के साथ साथ समाज का दशा और दिशा दोनों बदल सकते हैं।  रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट के संरक्षक मो. सादुल्लाह ने जानकारी दिया की आज करोना से पूरी दुनिया त्रस्त है करोना का आज सीधा जुड़ाव वास से है। हाथ पांव धोने में गर्म पानी का साबुन का प्रयोग निश्चित रूप से करें। मास्क का प्रयोग अवश्य रूप से करें साथ ही प्रजनन से पूर्व प्रजनन के बाद अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें। अभी के समय में माहवारी के समय पूरा साफ सफाई पर ध्यान दें। अपने स्वास्थ्य के रक्षा के प्रति आत्म निर्भर बनें। वहीं बाल विवाह से परिवार को बचाएं बाल विवाह के कारण अधिकतर महिला का स्वास्थ्य खराब रहता है। एक बच्चा और दूसरे बच्चा में कम से कम तीन वर्ष का अंतर होना चाहिए। अपने शरीर का सफाई परिवार का साफ सफाई समुदाय सफाई पर ध्यान देना आवश्यक है। प्रशिक्षक के रूप में मुन्नी देवी, विमल कुमार सिंह, रेणु सिंह पुर्व अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिंह, मंत्री बासदेव मंडल, रीना कुमारी, संगीता देवी, जानकी देवी, बबीता देवी, उषा देवी, उमेश कुमार, लक्ष्मण चौपाल, मो. गुफरान आदि शामिल थे।

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