वट सावित्री की पूजा कि गई / पहली बार महिलाएं लॉकडाउन के कारण घरों के आंगन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ की वट सावित्री की पूजा-अर्चना

घोघरडीहा में वटवृक्ष के नीचे वट सावित्री की पूजा करती सुहागिन। घोघरडीहा में वटवृक्ष के नीचे वट सावित्री की पूजा करती सुहागिन।
बाबूबरही में वृट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं। पति की लंबी उम्र व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। बाबूबरही में वृट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं। पति की लंबी उम्र व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
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घोघरडीहा में वटवृक्ष के नीचे वट सावित्री की पूजा करती सुहागिन।घोघरडीहा में वटवृक्ष के नीचे वट सावित्री की पूजा करती सुहागिन।
बाबूबरही में वृट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं। पति की लंबी उम्र व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।बाबूबरही में वृट वृक्ष की पूजा करतीं महिलाएं। पति की लंबी उम्र व सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

  • जिस प्रकार सावित्री दृढ़ संकल्प से अपने सुहाग को बचाया, आज उसी दृढ़ संकल्प के साथ कोरोना को मात देकर जन जन की रक्षा का मांगा वरदान
  • सुहागन महिलाओं ने पूजा के बाद वट वृक्ष के नीचे बैठकर सावित्री व सत्यवान की कथा सुनी

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

मधुबनी. पहली बार बॉर्डर के अधिकतर सुहागिन महिलाओं ने लॉक डाउन के कारण अपने घरों के आंगन या छत पर ही वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु एवं तंदुरस्त रहने की कामना की।  जिस प्रकार सावित्री दृढ़ संकल्प से अपनी सुहाग को यमराज के मुंह से छीन ले आई। उसी दृढ़ संकल्प के साथ सुहागिन महिलाओं ने कोरोना को मात देने की इच्छाशक्ति के साथ जनमानस की लंबी आयु की कामना किया। बॉर्डर के कई जगहों पर सुहागिनों को बरगद पेड़ के नीचे वट सावित्री की पूजा अर्चना किया। इस दौरान सुहागिनों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखी। भास्कर के उदय होते ही सुहागिन महिलाये वट सावित्री की पूजा अर्चना में जुट गई। इसी दिन सावित्री ने अपनी दृढ़ संकल्प शस्त्र से यमराज को मात देकर अपनी पति सत्यवान की रक्षा की थी। आज जरूरत है उसी दृढ़ संकल्प की। सुहागिनों ने मन ही मन इसे पूरा भी की।  बॉर्डर के हजारों महिलाएं पौराणिक विधि विधान आज अपनी पति की लंबी उम्र एवं सुखद वैवाहिक जीवन के लिये बरगद वृक्ष की पूजा अर्चना विधि विधान के साथ करेगी।  
वट वृक्ष में होते है ब्रह्म, विष्णु, महेश | मान्यता है कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सावित्री भी वट वृक्ष में ही रहते हैं. लम्बी आयु , शक्ति और धार्मिक महत्व को ध्यान रखकर इस वृक्ष की पूजा की जाती है। लेकिन इस बार लोगों को यह पूजा अपने घरों में ही रहकर करनी होगी। कोविड 19 वायरस की वजह से पूरे देश मे लागू लॉक डाउन है। जिसके कारण पहली बार महिलाएं अपने घरो में ही वट सावित्री की पूजा अर्चना की। अधिकतर महिलाओं ने अपने घरों की आंगन या छत पर ही वट सावित्री की पूजा अर्चना की।
महिलाओं ने की पति की लंबी आयु व सुखमय जीवन के लिए वट-वृक्ष की पूजा : मधुबनी| शुक्रवार को सुहागिन महिला सज-धज कर पूरी निष्ठा व पवित्रता के साथ पति की लंबी आयु व सुखमय जीवन के लिए वट-वृक्ष की पूजा की। लाॅकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रही महिलाओं ने सार्वजनिक स्थल की जगह अपने घरों में ही वट सावित्री की पूजा की तो वहीं कई महिला वट-वृक्ष के पास पहुंचकर ही पूजा की। वट वृक्ष में ब्रह्म, विष्णु, महेश का वाश है। इसलिए इस वृक्ष की पूजा करने से ये तीनों देवता भी प्रसन्न होते हैं। सुहागन महिला पूजा के बाद वट वृक्ष के नीचे बैठकर सावित्री व सत्यवान की कथा को सुना। शुक्रवार सुबह वट सावित्री पूजा से पूर्व स्नान आदिकर महिलाओं ने श्रृंगार कर पूजा स्थल पर गई। इस दौरान शहर के काली मंदिर, नगर थाना कैम्पस, मीना बाजार, जगतपुर, सौराठ सभा गाछी सहित अन्य जगहों पर लगे वट-वृक्ष की पूजा की। पुरानी कथा के अनुसार इस दिन ही सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और श्रद्धा से यमराज द्वारा अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस पाए थे। इसलिए महिलाएं भी इसी संकल्प के साथ अपने पति की आयु और प्राण रक्षा के लिए व्रत रखकर पूरे विधि विधान से पूजा की।

घर पर वट सावित्री की पूजा करतीं महिलाएं।
घर पर वट सावित्री की पूजा करतीं महिलाएं।

सुहागिनों ने वटवृक्ष में रक्षासूत्र बांध कर पति की लंबी उम्र की कामना की
घोघरडीहा|
प्रखंड के विभिन्न गांवों में शुक्रवार को सुहागिन स्त्रियों ने विधिपूर्वक वट सावित्री की पूजा अर्चना की। व्रत रखने वाली महिलाएं टोली बनाकर पूजा सामग्री के साथ वटवृक्ष के नीचे इकट्ठा होकर माता सावित्री और सत्यवान का मूर्ति स्थापित किया। जिसके बाद पूजा के बाद वटवृक्ष में रक्षासूत्र बांधकर अपने पति के लंबी उम्र का वर मांगा। बताया जाता है कि अपने सुहाग की रक्षा और पति के लंबी उम्र के लिए महिलाएं वट वृक्ष के नीचे देवी माता सती सावित्री और सत्यवान की पूजा करते हैं। जिससे प्रसन्न होकर माता सावित्री मनवांछित फल देती है।

लहेरियागंज में पूजा-अर्चना करतीं सुहागिन।
लहेरियागंज में पूजा-अर्चना करतीं सुहागिन।

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